West Bank की इजराइली बस्तियों पर Britain ने लगाया आयात प्रतिबंध

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 08, 2026

(अदिति खन्ना) लंदन, आठ सितंबर बिटेन ने मंगलवार को वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों पर प्रतिबंधों की घोषणा की और कब्जे वाले फलस्तीनी इलाकों से वस्तुओं के आयात पर पाबंदी लगा दी। वेस्ट बैंक की बस्तियों में ‘‘फलस्तीनियों के जातीय सफाये’’ की निंदा करते हुए ब्रिटिश संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में बयान देते समय ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड के साथ प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम भी मौजूद थे। अपनी ‘‘गर्व से भरी ब्रिटिश यहूदी’’ विरासत पर जोर देते हुए मिलिबैंड ने ‘‘उचित छूट के साथ प्रतिबंधों की एक नयी और व्यापक व्यवस्था’’ की घोषणा की।

हमारे देश में इन्हें बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।’’ उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की ‘जातीय सफाये’ की परिका भी जिक्र किया, जिसके अनुसार यह एक खास जातीय या धार्मिक समूह द्वारा बनाई गई जान-बूझकर अपनाई जाने वाली नीति है। इसका मकसद हिंसा और आतंक फैलाकर किसी दूसरे जातीय या धार्मिक समूह की आबादी को कुछ खास इलाकों से हटाना होता है। कैबिनेट मंत्री ने कहा, ‘‘ब्रिटेन सरकार इस बात से सहमत है कि वेस्ट बैंक के इलाकों में फलस्तीनियों का जातीय सफाया हो रहा है – जिसे वहां बसे आतंकी अंजाम दे रहे हैं।

और अक्सर इजराइली सरकार ने इस पर आंखें मूंद ली हैं; बल्कि इससे भी बुरा यह है कि सरकार की ओर से फलस्तीनियों को जबरदस्ती विस्थापित करने के समर्थन में बयान दिए गया हैं और कदम उठाए हैं।’’ उनकी यह घोषणा इजराइल-फलस्तीन विवाद पर ब्रिटेन के रुख के समर्थन में 11 अन्य देशों के संयुक्त बयान के साथ आई। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा कि वेस्ट बैंक में इजराइल सरकार की कार्रवाई ‘‘द्वि-राष्ट्र समाधान की संभावना को कम कर रही है।’’ संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘‘आज, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, फ़्रांस, आइसलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन और ब्रिटेन ने पुष्टि की है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध बस्तियों के साथ वस्तुओं के व्यापार पर राष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने और/या यूरोपीय प्रतिबंधों का समर्थन करने का इरादा रखते हैं, या वे अपनी राष्ट्रीय प्रक्रियाओं के अनुसार इन और अन्य उपायों पर विचार कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सब मिलकर दृढ़ इरादे के साथ कहते हैं कि द्वि-राष्ट्र समाधान की रक्षा की जानी चाहिए। हम एक साल पहले अपनाए गए न्यूयॉर्क घोषणापत्र के सिद्धांतों के आधार पर, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के लिए कदम उठाएंगे।

हम फलस्तीनी जमीन पर कब्ज़ा करने और फलस्तीनी आबादी को जबरदस्ती विस्थापित करने जैसे कदमों का कड़ा विरोध करते हैं।’’ इस बीच, ब्रिटेन के कई यहूदी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था ज्यूइश लीडरशिप काउंसिल ने ब्रिटेन सरकार पर आरोप लगाया कि इजराइली बस्तियों से वस्तुओं के आयात पर रोक लगाकर उसने ‘‘ब्रिटिश यहूदियों को और ज़्यादा निशाने पर’’ ला दिया है। ब्रिटेन में फलस्तीन के राजदूत हुसाम ज़ोमलोट ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे ‘‘ब्रिटेन-फलस्तीन संबंधों में एक अहम मोड़’’ बताया।

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