जॉनसन को संसद में लगातार दूसरा झटका, समय से पूर्व चुनाव की मांग खारिज

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 05, 2019

लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को ब्रेक्जिट समझौते पर बुधवार को संसद से लगातार से दूसरा झटका लगा। दरअसल, सांसदों ने समझौते के बिना ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने पर रोक लगाने संबंधी विधेयक को समर्थन दे दिया। इसके बाद जॉनसन ने 15 अक्टूबर को देश में समय पूर्व चुनाव कराने का प्रस्ताव पेश किया। बुधवार को हुआ मतदान भी जॉनसन के खिलाफ गया जिससे वह संसद द्वारा ब्रेक्जिट समझौते पर पहुंचने के लिए कम से कम 31 जनवरी 2020 की समयसीमा मांगने के लिए बाध्य होंगे। इससे पहले उन्हें मंगलवार को संसद में पहली बड़ी हार मिली थी। उनकी खुद की कंजर्वेटिव पार्टी के बागी सांसदों ने विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर हाउस ऑफ कॉमन्स के कामकाज का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था।

गौरतलब है कि बोरिस जॉनसन इस वादे के साथ प्रधानमंत्री बने थे अगर 31 अक्टूबर तक ब्रेक्जिट पर समझौता नहीं हुआ तो भी ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा जबकि विरोधी चाहते हैं कि यह समयसीमा बढ़ायी जाए। विपक्षी सांसदों और टोरी बागियों ने सुनिश्चित किया कि ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते के बाहर होने से रोकने के लिए यह विधेयक पारित हो। इसका अर्थ है कि जॉनसन यूरोपीय संघ से बाहर होने की 31 अक्टूबर की समयसीमा को बढ़ाने की यूरोपीय संघ (ईयू) से मांग करेंगे। 

इसे भी पढ़ें: बहुमत खोने के बाद जल्द चुनाव चाहते हैं बोरिस जॉनसन

हालांकि उन्होंने मंगलवार को ही स्पष्ट कर दिया कि वह ब्रेक्जिट के लिए समयसीमा बढ़ाए जाने की मांग करने के बजाय आम चुनाव कराने का प्रस्ताव पेश करेंगे। जॉनसन ने ‘‘समय पूर्व चुनाव’’ कराने का विधेयक पेश करते हुए कहा, ‘‘मैं चुनाव नहीं चाहता, जनता भी चुनाव नहीं चाहती लेकिन इस सदन ने इसके अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा कि जनता यह तय करे कि वह किसे प्रधानमंत्री देखना चाहती है।’’ उनके चुनाव कराने वाले प्रस्ताव पर ब्रिटेन के 650 सांसदों में से दो तिहाई का समर्थन जरूरी है। हालांकि इस पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं क्योंकि विपक्षी लेबर पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वह जॉनसन के चुनाव कराने वाले प्रस्ताव के पक्ष में वोट नहीं करेगी। 

इसे भी पढ़ें: ब्रेक्जिट पर मतदान से पहले बोरिस जॉनसन ने खोया बहुमत, जानें पूरा मामला

जॉनसन ने दलील दी कि 31 अक्टूबर तक ब्रिटेन को समझौते के या बिना किसी समझौते के यूरोपीय संघ से अलग करने की उनकी धमकी इस आर्थिक समूह के 27 अन्य नेताओं को बेहतर शर्तों पर राजी होने के लिए विवश करेगी। हालांकि, उनके आलोचकों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जॉनसन आग से खेल रहे हैं क्योंकि इस तरह अलग होने से आर्थिक नुकसान होगा।

प्रमुख खबरें

IRFC में सरकार के Offer For Sale से मचा हड़कंप, Infosys की AI डील ने निवेशकों को बनाया मालामाल।

White House में India के Tariff पर मचा था बवाल, Donald Trump ने अधिकारियों को सरेआम किया खारिज

America से तनाव के बीच Kim Jong Un का बड़ा दांव, North Korea अब समुद्र में बढ़ाएगा परमाणु ताकत

France में Heatwave का जानलेवा कहर, 40 लोगों की मौत, Eiffel Tower भी समय से पहले बंद