By अभिनय आकाश | Apr 25, 2023
ये साल 2019 की बात है जब भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने लोकसभा चुनावों से ठीक पहले एक गैर-बीजेपी और गैर-कांग्रेसी मोर्चेके लिए एक अभियान चलाया था। लेकिन ठीक चार साल बाद अब वो अब कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होने के लिए भी तैयार नजर आ रहे हैं। द इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि इस विपक्षी गठबंधन के चेहरे के रूप में राहुल गांधी को लेकर बीआरएस को आपत्ति है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अपनी स्वयं की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं के बावजूद के चंद्रशेखर राव या केसीआर के नेतृत्व वाली पार्टी अधिक समायोजन रुख के लिए तैयार है।
जब से पार्टी ने अपना नाम बदलकर बीआरएस रखा है, जो पहले तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के रूप में जानी जाती थी। तब से यह विभिन्न राज्यों हाल ही में महाराष्ट्र में रैलियां और राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। बीआरएस के सूत्रों ने कहा कि पार्टी चाहती है कि कांग्रेस अपनी कमजोर राष्ट्रीय ताकत का एहसास करे और चुनाव पूर्व गठबंधन के लिए क्षेत्रीय दलों के साथ बातचीत करे। केसीआर के करीबी के हवाले से एक्स्प्रेस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हम बस इतना कह रहे हैं कि कांग्रेस जहां मजबूत है, उसे अपना उचित हिस्सा मिलना चाहिए। लेकिन जहां अन्य क्षेत्रीय दल मजबूत हैं, वहां कांग्रेस को रास्ता बनाना चाहिए। विपक्षी गठबंधन के काम करने और अंततः प्रभावी होने का यही एकमात्र तरीका है।