By अभिनय आकाश | Oct 15, 2026
मणिपुर के इंफाल में नाश्ते के बाद फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखने पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 75 जवानों और तीन आम नागरिकों को एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जी मिचलाने और उल्टी की शिकायत के बाद, इन लोगों को दोपहर करीब 1 बजे रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में सभी 78 मरीजों को तुरंत इलाज दिया गया। इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई है। RIMS के एक अधिकारी ने PTI को पुष्टि की कि मरीज फूड पॉइजनिंग की वजह से बीमार हुए थे। हालांकि, अभी तक मिली जानकारी से यह साफ नहीं हो पाया है कि बीमारी का असल कारण क्या था।
फूड पॉइजनिंग का कारण क्या था?
नाश्ते के बाद BSF के कई जवानों और आम नागरिकों में एक जैसे लक्षण दिखने से चिंता बढ़ गई है। हालांकि, अभी तक मिली जानकारी में फूड पॉइजनिंग के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है। प्रभावित लोगों ने क्या खाया था, इस बारे में अभी कोई पक्की जानकारी नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या उन्होंने एक जैसा खाना खाया था, या फिर कारण का पता लगाने के लिए खाने के नमूनों की जांच की जाएगी या नहीं। इस घटना से जुड़ी अन्य जानकारी और आगे की जांच के नतीजों का इंतजार है।
पुलिस ने बताया कि मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से ही सुरक्षा बल पूरे मणिपुर में तलाशी अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों के सीमावर्ती इलाकों और अन्य संवेदनशील जगहों पर ये अभियान चलाए जा रहे हैं, साथ ही नियमित गश्त भी की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, मई 2023 से मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच चल रहे जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।