By नीरज कुमार दुबे | Jun 25, 2024
आपातकाल की बरसी पर जहां भाजपा विपक्षी कांग्रेस को घेर रही है वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन इंडिया मोदी सरकार को घेरते हुए आरोप लगा रहा है कि भाजपा संविधान को खत्म करना चाहती है। आप सत्ता पक्ष या विपक्ष के नेताओं के बयानों को देखेंगे तो पाएंगे कि दोनों एक दूसरे पर लोकतंत्र और संविधान को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाते हुए खुद को संविधान और लोकतंत्र का सबसे बड़ा रक्षक बताने का दावा कर रहे हैं। लेकिन इस सबके बीच बसपा मुखिया मायावती ने एनडीए और इंडिया गठबंधन पर मिलकर संविधान को धीरे-धीरे खत्म करने का आरोप लगा दिया है। लखनऊ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान बसपा मुखिया मायावती सत्ता पक्ष और मुख्य विपक्ष पर जमकर बरसीं।
मायावती ने साथ ही यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर संविधान में इतने संशोधन कर दिये कि अब ये समतामूलक और धर्मनिरपेक्ष नहीं बल्कि पूंजीवादी, जातिवादी और सांप्रदायिक संविधान बनकर रह गया है। मायावती ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों ही पार्टियां आरक्षण समाप्त करना चाहती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह दोनों पार्टियां एससी, एसटी और आदिवासी वर्ग को संविधान का लाभ नहीं देना चाहती हैं।