By नीरज कुमार दुबे | Apr 08, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर देश की ऊर्जा सुरक्षा, आधारभूत ढांचे, शहरी परिवहन और कृषि क्षेत्र पर पडेगा। इन फैसलों में राजस्थान में विशाल रिफाइनरी परियोजना, अरुणाचल प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाएं, जयपुर मेट्रो विस्तार और किसानों के लिए उर्वरक सब्सिडी से जुड़े निर्णय शामिल हैं।
इस रिफाइनरी परियोजना से न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि राजस्थान के पिछड़े क्षेत्र में औद्योगिकीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण के दौरान लगभग पच्चीस हजार लोगों को रोजगार मिल चुका है और भविष्य में भी रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। परियोजना की वाणिज्यिक शुरुआत एक जुलाई 2026 तक निर्धारित की गई है।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश में जल विद्युत उत्पादन को मजबूत करने के लिए भी दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पहली परियोजना कालई द्वितीय जल विद्युत परियोजना है, जिसकी क्षमता बारह सौ मेगावाट होगी और इस पर लगभग चौदह हजार एक सौ पांच करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना लोहित नदी पर बनेगी और इससे हर साल चार हजार आठ सौ बावन मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इस परियोजना से राज्य में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी और राष्ट्रीय ग्रिड संतुलन में भी मदद मिलेगी।
दूसरी प्रमुख परियोजना कमला जल विद्युत परियोजना है, जिसकी क्षमता सत्रह सौ बीस मेगावाट होगी और इस पर लगभग छब्बीस हजार उनहत्तर करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना से हर साल छह हजार आठ सौ सत्तर मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। इसके साथ ही ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। इन परियोजनाओं के तहत सड़कों, पुलों, अस्पतालों और स्कूलों का निर्माण होगा, जिससे स्थानीय विकास को गति मिलेगी और लोगों को रोजगार तथा अन्य लाभ प्राप्त होंगे।
इसके अलावा, शहरी परिवहन के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत 41 किलोमीटर लंबा उत्तर दक्षिण कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें छत्तीस स्टेशन होंगे। इसकी कुल लागत तेरह हजार सैंतीस करोड़ रुपये से अधिक होगी। यह परियोजना जयपुर के प्रमुख क्षेत्रों जैसे सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, हवाई अड्डा, टोंक रोड और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को जोडते हुए शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी।
जयपुर मेट्रो का यह विस्तार न केवल यातायात जाम को कम करेगा बल्कि प्रदूषण में भी कमी लाएगा और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देगा। वर्ष 2031 तक इस परियोजना के पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में किसानों को राहत देने के लिए मंत्रिमंडल ने खरीफ सत्र 2026 के लिए फास्फेट और पोटाश आधारित उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरों को मंजूरी दी है। इसके लिए लगभग इकतालीस हजार पांच सौ तैंतीस करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। इस फैसले से किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध होंगे और खेती की लागत में कमी आएगी।
मोदी सरकार का यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में उतार चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उत्पादन प्रभावित न हो।
कुल मिलाकर, आज की मंत्रिमंडल बैठक में लिए गए ये फैसले देश के समग्र विकास को गति देने वाले हैं। ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, शहरी परिवहन और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर सरकार ने आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।