By अनन्या मिश्रा | May 26, 2026
लाखों छात्रों का 12वीं पास होने के बाद यह सपना होता है कि वह मेडिकल फील्ड में अपना कॅरियर बनाएं। जिसके लिए लाखों की संख्या में स्टूडेंट्स हर साल डॉक्टर बनने के लिए NEET UG की परीक्षा में शामिल भी होते हैं। जो भी स्टूडेंट्स इस एग्जाम को पास कर लेते हैं। वह MBBS कोर्स के लिए चयनित होते हैं। लेकिन जो स्टूडेंट्स इस एग्जाम में सफल नहीं हो पाते हैं, उनके दिमाग में यह सवाल सबसे पहले आता है कि आखिर वह मेडिकल फील्ड में कैसे कॅरियर बना सकते हैं।
कक्षा 12वीं के बाद नर्स की पढ़ाई करने के लिए 3 कोर्स जैसे बीएससी नर्सिंग, जीएनएम और एएनएम सबसे मुख्य कोर्स होते हैं। इन तीनों ही कोर्स में छात्र 12वीं के बाद एडमिशन ले सकते हैं।
जीएनएम कोर्स की अवधि 3 साल होती है। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट का 12वीं साइंस स्ट्रीम से पास होना जरूरी है। वहीं 12वीं में 40% अंकों के साथ पास होना चाहिए।
यह कोर्स 4 साल का होता है। बीएससी नर्सिंग में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स के पास 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, अंग्रेजी कोर या अंग्रेजी इलेक्टिव के साथ न्यूनतम 45% अंकों के साथ पास होना जरूरी है।
यह कोर्स भी नर्स बनने के लिए होता है। किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास छात्र एएनएम कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। यह एक डिप्लोमा कोर्स होता है, जिसमें स्टूडेंट्स को बेसिक हेल्थ केयर स्किल्स सिखाई जाती हैं।
इन कोर्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स की न्यूनतम आयु 17 साल और अधिकतम आयु 35 साल होनी चाहिए।
वैसे तो नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लेने के लिए राज्य सरकार के तहत आने वाले कॉलेज और प्राइवेट कॉलेज अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैं। लेकिन अगर कोर्स फीस की बात की जाए, तो सरकारी कॉलेज की सालान फीस एक लाख रुपए तक और प्राइवेट कॉलेज की फीस एक लाख या फिर इससे अधिक हो सकती है।
अगर आप भी नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो आपके लिए इस फील्ड में भारत के कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों की लिस्ट दी गई है। नर्सिंग की पढ़ाई के लिए आप नीचे बताए गए किसी भी संस्थान में एडमिशन ले सकते हैं।
एम्स, दिल्ली
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
कॉलेज ऑफ नर्सिंग, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) वेल्लोर,
पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज
सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, दिल्ली
बता दें कि बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग और पीएचडी करने वाले स्टूडेंट्स नर्सिंग के अलावा टीचिंग फील्ड में भी कॅरियर बना सकते हैं। हालांकि अगर सैलरी की बात की जाए, तो केंद्र सरकार के हॉस्पिटलों में शुरूआती सैलरी 80 हजार रुपए तक और प्राइवेट हॉस्पिटल में शुरूआती सैलरी 20-25 हजार रुपए तक होती है। लेकिन एक्सपीरियंस के आधार पर सैलरी में बढ़ोत्तरी होती रहती है।