Madhya Pradesh Tourism: इतिहास, संस्कृति और इत्र की नगरी है बुरहानपुर

By प्रीटी | Aug 30, 2025

मध्य प्रदेश का बुरहानपुर एक ऐसा ऐतिहासिक नगर है जो स्थापत्य, संस्कृति, मुग़ल इतिहास और इत्र (परफ्यूम) निर्माण की समृद्ध परंपरा के लिए जाना जाता है। नर्मदा नदी के किनारे बसा यह नगर अपने भीतर अनेक कहानियाँ समेटे हुए है— युद्धों की, प्रेम की, भक्ति की और कला की। यदि आप इतिहास प्रेमी हैं या अद्भुत मुग़ल वास्तुकला देखना चाहते हैं, तो बुरहानपुर आपके लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल है।

इसे भी पढ़ें: Madhya Pradesh Tourism: प्रकृति, इतिहास और आध्यात्म का अद्भुत संगम है शिवपुरी

बुरहानपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थल

1. शाही क़िला (शाही महल)

बुरहानपुर का सबसे प्रमुख आकर्षण। यह क़िला नर्मदा नदी के किनारे स्थित है और इसे फारूकी सुल्तानों ने बनवाया था। इसमें मुग़ल शैली की नक्काशी, दीवार चित्र और सुंदर उद्यान देखने को मिलते हैं। यहीं पर मुमताज़ महल ने अंतिम साँसें ली थीं।

2. बड़ी दरगाह

यह सूफी संत हज़रत सैयद ज़ैन-उल-आबिदीन शाह की दरगाह है। यहाँ हर साल उर्स मेला आयोजित होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। यह स्थल बुरहानपुर की धार्मिक सहिष्णुता और सूफी संस्कृति का प्रतीक है।

3. धरमपुरी और असिरगढ़ क़िला

बुरहानपुर के समीप स्थित असिरगढ़ क़िला एक विशाल और प्राचीन दुर्ग है, जिसे "दक्षिण का द्वार" कहा जाता है। इसकी दीवारें और गुप्त सुरंगें इसे एक रोमांचक स्थल बनाती हैं।

4. हामिदिया मस्जिद और जामा मस्जिद

ये मस्जिदें मुग़ल वास्तुकला के सुंदर उदाहरण हैं, जिनमें सुंदर मेहराब, मीनारें और नक्काशी देखने को मिलती है।

5. मुमताज़ महल का मूल मक़बरा (अहूखाना)

यह वह स्थल है जहाँ मुमताज़ महल का पार्थिव शरीर आगरा ले जाने से पहले रखा गया था। आज भी यहाँ की दीवारों पर उस काल की मौन गूंज सुनाई देती है।

इत्र और कारीगरी का केंद्र

बुरहानपुर को "इत्रों की नगरी" भी कहा जाता है। यहाँ पारंपरिक तरीके से गुलाब, केवड़ा और चंदन से इत्र बनाए जाते हैं। साथ ही, यहां की बुनाई कला (हैंडलूम टेक्सटाइल) भी प्रसिद्ध है, विशेष रूप से हिमरू और मशरू वस्त्र।

धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता

यहाँ हिंदू, मुस्लिम, जैन और सिख समुदायों के धार्मिक स्थल मिलते हैं, जो इसकी सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं। नर्मदा किनारे का गोस्वामी तुलसीदास घाट और सिंधी समाज का बड़ा मंदिर भी दर्शनीय हैं।

कैसे पहुँचे?

निकटतम हवाई अड्डा: इंदौर (180 किमी)

रेलवे स्टेशन: बुरहानपुर जंक्शन, जो कई प्रमुख ट्रेनों से जुड़ा है

सड़क मार्ग: इंदौर, खंडवा और जलगांव से बस या टैक्सी द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है

ठहरने की व्यवस्था

बुरहानपुर में हर बजट के अनुसार होटल, लॉज और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होटल भी यहाँ मौजूद हैं।

यात्रा का सर्वोत्तम समय

नवंबर से फरवरी का समय बुरहानपुर घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, जब मौसम ठंडा और सुहावना होता है।

बुरहानपुर एक ऐसा स्थल है, जहाँ इतिहास केवल किताबों में नहीं, दीवारों, दरवाज़ों और हवाओं में बसा हुआ है। यह नगर न केवल स्थापत्य प्रेमियों और इतिहासकारों के लिए स्वर्ग है, बल्कि एक आम यात्री के लिए भी शांति, भक्ति और सुगंध से भरपूर अनुभव प्रदान करता है। एक बार की यात्रा आपको मुग़ल काल की भव्यता, सूफी परंपरा की गहराई और भारतीय विविधता की सुंदरता से परिचित करा देगी।

- प्रीटी

प्रमुख खबरें

Litton Das की Australia टेस्ट में वापसी, Bangladesh क्रिकेट का बड़ा दांव

PoK पर ऐसा क्या बोले पाकिस्तानी? घसीटकर ले गई शहबाज की पुलिस

Glasgow से CWG 2030 की मेजबानी का बिगुल बजेगा, अहमदाबाद को मिलेगा औपचारिक न्योता!

Rahul Gandhi का बड़ा आरोप: Delimitation से BJP छीनना चाहती है Tamil Nadu की ताकत