By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 04, 2026
नयी दिल्ली, चार नवंबर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश की आधिकारिक सांख्यिकी व्यवस्था में बदलाव और उसे आधुनिक रूप देने के लिए बुधवार को 4,371.1 करोड़ रुपये की एक योजना को मंजूरी दी। ‘सांख्यिकीय बदलाव, विश्लेषण और अनुसंधान के लिए विकसित भारत पहल’ (विस्तार) योजना पांच साल यानी 2030-31 तक लागू रहेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया।
इसका उद्देश्य आंकड़ों को समय पर उपलब्ध कराना, अधिक विस्तृत आंकड़े जुटाना, समरूप आंकड़ा समूहों के बीच बेहतर तालमेल कायम करना तथा कृत्रिम मेधा (एआई) के उपयोग के अनुकूल आंकड़ा आधार तैयार करना है। ‘विस्तार’ योजना तत्काल नीतिगत जरूरतों के अनुरूप संसाधनों के बेहतर और त्वरित आवंटन की सुविधा देगी। इससे बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण, अनुसंधान पद्धतियों के विकास, डिजिटल बदलाव और राष्ट्रीय आंकड़ा प्रबंधन के लिए समन्वित एवं समग्र दृष्टिकोण अपनाने में मदद मिलेगी।
इस योजना के तीन पहलू... व्यापक सांख्यिकीय गतिविधियों और व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, सांख्यिकी को मजबूत करने के लिए सहायता (एसएसएस) और आर्थिक गणना (ईसी) हैं। आर्थिक गणना के तहत सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सहयोग से आठवीं आर्थिक गणना कराएगा। आर्थिक गणना के आंकड़े राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर योजनाकारों तथा नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी होते हैं।
इससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में असंगठित क्षेत्र के योगदान का आकलन करने का रास्ता भी साफ होगा।