By अभिनय आकाश | Sep 24, 2026
कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को फिर कहा कि गिरफ्तार कांग्रेस उम्मीदवार मिलान प्रधान को नंदीग्राम उपचुनाव ठीक से लड़ने की इजाज़त दी जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि उन्हें 2007 के उस मामले में गिरफ्तार नहीं माना जाएगा जिसमें निचली अदालत ने उन्हें 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। नंदीग्राम में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है और प्रचार 4 अक्टूबर को खत्म होगा। कोर्ट प्रधान के वकील की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को 2007 के एक और आपराधिक मामले में गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया है, जबकि 22 सितंबर को हाई कोर्ट के सामने 11 मामलों का ज़िक्र किया गया था। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य ने ऐसा कोई दस्तावेज़ पेश नहीं किया जिससे यह साबित हो सके कि प्रधान को प्रोडक्शन वारंट दिया गया था। जज ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूर्वी मेदिनीपुर ज़िले के खेजुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज 2007 के केस नंबर 45 के सिलसिले में 12 अक्टूबर तक प्रधान के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई न करें, और कहा कि उस आपराधिक मामले में उन्हें गिरफ़्तार नहीं माना जाएगा।
प्रधान ने अपने खिलाफ़ दर्ज छह अन्य मामलों में सख़्त कार्रवाई से सुरक्षा की मांग करते हुए एक अर्ज़ी दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए, 22 सितंबर को हाई कोर्ट को राज्य ने बताया था कि उनमें से पाँच मामले पिछली सरकार ने वापस ले लिए थे और छठे मामले में उनकी ज़रूरत नहीं थी। कोर्ट को यह भी बताया गया था कि प्रधान को पाँच अन्य आपराधिक मामलों के सिलसिले में गिरफ़्तार करके न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।