By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामलों की सुनवाई के लिए पांच विशेष त्वरित अदालत गठित करने का आदेश दिया है, ताकि मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाते हुए समयबद्ध तरीके से निर्णय सुनाया जा सके। इनमें से तीन अदालत कोलकाता में और दो, पोर्ट ब्लेअर में गठित की जाएंगी। उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुसार, ये अदालतें लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत मामलों की सुनवाई पूरी करेंगी और आरोपपत्र दाखिल होने की तारीख से तीन महीने के भीतर अंतिम आदेश या फैसला सुनाएंगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले हफ़्ते घोषणा की थी कि परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों की सुनवाई के लिए त्वरित अदालतें गठित की जाएंगी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार द्वारा 29 जुलाई को इस संबंध में एक प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है। आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि इन त्वरित अदालतों का दर्जा और पद, पश्चिम बंगाल में प्रशासन के स्थायी रूप से काम कर रही 88 त्वरित अदालतों के बराबर नहीं होगा।
ये अदालतें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और राज्य पुलिस जैसी एजेंसियों द्वारा लोक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। इससे उन मामलों में होने वाली देरी कम होगी, जिनमें कई आरोपी होते हैं, बहुत सारे दस्तावेज़ी सबूत और डिजिटल फोरेंसिक सामग्री रहती है और जिनकी कानूनी कार्यवाही अक्सर लंबे समय तक चलती है।