By अंकित सिंह | Jul 31, 2026
लोकसभा ने शुक्रवार को भारी हंगामे के बीच 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए चर्चा में हिस्सा न लेने के लिए विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से आग्रह किया कि वे कार्यवाही में बाधा डालने के बजाय बहस में भाग लें। सदन में लगातार नारेबाजी के बीच दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में बार-बार कामकाज में रुकावटें आईं। चेयरमैन सी.पी. राधाकृष्णन ने कार्यवाही में बाधा डालने के लिए TMC नेता डेरेक ओ'ब्रायन को फटकार लगाई और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पेश किए गए नियम 267 के तहत नोटिस को खारिज कर दिया।
सदन की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर आसन के निकट पहुंचकर गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया और आरोप लगाया कि मंत्री ने अपने बयान से सदन को गुमराह किया, जो विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का मामला बनता है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि वह केंद्रीय मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करें।
संसद की एक स्थायी समिति ने केंद्र सरकार से ‘ध्रुवीय राजदूत’ नियुक्त करने पर विचार करने की सिफारिश करते हुए कहा है कि इस तरह का पद सृजित करने से भारत अपनी विदेश नीति में आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों के महत्व को बेहतर तरीके से प्रदर्शित कर सकेगा तथा ‘ध्रुवीय राजनय’ को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली विदेश मामलों की स्थायी संसदीय समिति ने संसद में बृहस्पतिवार को पेश अपनी रिपोर्ट ‘आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों में भारत की भूमिका और उपस्थिति’ में यह सिफारिश की है।
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