Beldanga हिंसा पर Calcutta High Court का एक्शन, Law and Order के लिए Central Forces की तैनाती का आदेश

By अभिनय आकाश | Jan 20, 2026

झारखंड में एक बंगाली प्रवासी मजदूर की कथित हत्या के बाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में भड़की अशांति को नियंत्रित करने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने मुर्शिदाबाद जिले में पहले से मौजूद केंद्रीय बलों के उपयोग का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने हिंसाग्रस्त बेलडांगा में स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्देश दिया। पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को जिले में पहले से तैनात बलों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इसे भी पढ़ें: Voter List में गड़बड़ी? Mohammed Shami क्यों पहुंचे Election Commission दफ्तर, जानें पूरा मामला

पीठ ने पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट को जनता की सुरक्षा और आजीविका की रक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि बेलडांगा में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना आवश्यक है। पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति से दृढ़तापूर्वक निपटना होगा। स्थिति को बेकाबू होने से पहले ही नियंत्रण में लाना होगा। अदालत ने कहा कि वह इस समय लोगों के जीवन, आजीविका और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। अदालत ने कहा कि इसी तरह की घटना बार-बार उसी स्थान पर हो रही है। अदालत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी कर रही है।

इसे भी पढ़ें: Stray Dogs केस में Maneka Gandhi की Ajmal Kasab से तुलना, Supreme Court बोला- उसने भी अवमानना नहीं की

एनआईए जांच के मुद्दे पर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा कि केंद्र सरकार कानून के अनुसार कदम उठाने के लिए स्वतंत्र है। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि सुरक्षा बलों की पांच कंपनियों में से अब तक केवल एक ही तैनात की गई है। सरकार ने कहा कि 16 जनवरी की दोपहर को 90 मिनट और 17 जनवरी को दो घंटे से अधिक समय तक रूट मार्च कराया गया। मुख्य न्यायाधीश घोष के मुर्शिदाबाद में तैनाती संबंधी प्रश्न के उत्तर में सरकार ने कहा कि बेलडांगा और उसके आसपास के इलाकों में पांच कंपनियां, जंगीपुर क्षेत्र में आठ कंपनियां और समसेरगंज क्षेत्र में चार कंपनियां तैनात हैं। अदालत ने राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत चार सप्ताह बाद इस मामले की फिर सुनवाई करेगी।

प्रमुख खबरें

West Asia टेंशन से Stock Market में कोहराम, Sensex 1100 अंक लुढ़का, निवेशकों में हड़कंप

Middle East Crisis का Global Economy पर असर, Qatar की चेतावनी- कभी भी रुक सकती है Energy Supply

Iran-Israel तनाव से Crude Oil की कीमतों में आग, Brent दो साल के High पर पहुंचा।

Flipkart की IPO से पहले बड़ी तैयारी, Cost Cutting के नाम पर 500 कर्मचारियों की हुई छंटनी