US की धमकी पर Canada-France का पलटवार, Greenland में दूतावास खोलकर दिया Diplomatic संदेश

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 07, 2026

कनाडा और फ्रांस ने शुक्रवार को ग्रीनलैंड की राजधानी में अपने राजनयिक वाणिज्य दूतावास खोले। यह कदम उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सहयोगी देश डेनमार्क और आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका अर्ध-स्वायत्त डेनिश क्षेत्र यानी ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने का प्रयास कर रहा है।

कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने नुक में आधिकारिक रूप से देश के वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया। इस मौके पर कनाडा का ‘मैपल-लीफ’ झंडा फहराया गया और वहां मौजूद लोगों ने ‘‘ओ कनाडा’’ गीत गाया। आनंद ने कहा, ‘‘आज इस झंडे को फहराने और औपचारिक रूप से वाणिज्यि दूतावास खोलने का महत्व यह है कि हम ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों के साथ कई मुद्दों पर एकजुट होकर खड़े रहेंगे।” फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने बताया कि ज्यां-नोएल पोइरियर ने शुक्रवार को महावाणिज्य दूत के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया।

इससे फ्रांस ग्रीनलैंड में महावाणिज्य दूतावास स्थापित करने वाला यूरोपीय संघ का पहला देश बन गया है। फ्रांस ने कहा कि यह निर्णय जून में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यात्रा के दौरान लिया गया था। कनाडा ने 2024 में ही ग्रीनलैंड में वाणिज्य दूतावास खोलने का वादा किया था, यानी ट्रंप के हालिया ‘‘अधिग्रहण’’ संबंधी बयानों से पहले। लेकिन खराब मौसम के कारण उद्घाटन टल गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह डेनमार्क और उन सात अन्य देशों पर नए शुल्क लगाएंगे, जो ग्रीनलैंड पर कब्जे की उनकी मांग का विरोध कर रहे हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने अचानक यह धमकी वापस ले ली थी।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

ASEAN Connect | पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा ने भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को दी नई मजबूती | India-Malaysia Relation

Health Tips: मोटापा सिर्फ दिल का नहीं, Brain का भी दुश्मन, Dementia का बढ़ रहा है खतरा

Gold Prices Fall in Mumbai Today: सोने की चमक पड़ी फीकी, कीमतों में जोरदार गिरावट!

Bihar में PK की जन सुराज को झटका, Supreme Court ने कहा- लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मजाक न बनाएं