By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 14, 2026
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी और गोला-बारूद उत्पादन फर्म एसएमपीपी के सीईओ को गिरफ्तार किया है, जिनपर 500 करोड़ रुपये की आपूर्ति निविदा से जुड़ी ‘‘संवेदनशील रक्षा जानकारी’’ लीक करने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि एमआईएल के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार ने कुछ निजी ठेकेदारों और विक्रेताओं के साथ मिलकर, सरकारी फायदा पहुंचाने और सरकारी संस्था के ‘‘रक्षा उत्पादन, खरीद और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अन्य गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी’’ लीक करने के एवज में अवैध रूप से पैसे लिए।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पुणे में आरोपी सरकारी कर्मचारी के ठिकानों पर तलाशी के दौरान 1.73 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा, मैसूरु, बेंगलुरु और दिल्ली में आरोपी के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई और लगभग 50 लाख रुपये नकद तथा आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।’’ एजेंसी ने आरोप लगाया कि एसएमपीपी लिमिटेड के सीईओ और प्रवर्तक निदेशक कंसल — जो ड्रोन प्रौद्योगिकी और गोला-बारूद बनाने का काम करती है — ने एमआईएल को गोला-बारूद आपूर्ति करने के लिए एसएमपीपी को मिले 500 करोड़ रुपये के सरकारी अनुबंध के सिलसिले में एक साल तक कुमार से लगातार संपर्क बनाए रखा। सीबीआई का आरोप है कि साजिश के तहत, एसएमपीपी का कर्मचारी रवित कुमार तेवतिया भी कुमार के संपर्क में था।
प्राथमिकी में कहा गया है कि कुमार अपनी पत्नी और भाई के जरिए गैर-कानूनी कमाई के बड़े हिस्से की हेराफेरी करता था। सीबीआई ने कहा कि कुमार की पत्नी और भाई पर पैसे छिपाने और अपने पास रखने में मदद करके अपराध में सहायता करने का आरोप है।