सीबीआई ने चिटफंड मामले में तृणमूल कांग्रेस के विधायक के आवास पर छापेमारी की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 05, 2022

कोलकाता, 5 सितंबर।  केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चिटफंड मामले की जांच के सिलसिले में रविवार को तृणमूल कांग्रेस के विधायक सुबोध अधिकारी और उनके भाई के आवास सहित पश्चिम बंगाल में छह स्थानों पर छापेमारी की। एजेंसी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। सीबीआई अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने बीजपुर से विधायक एवं उनके भाई कमल अधिकारी के आवास और कार्यालय पर छापेमारी की गई। कमल अधिकारी कांचरपाड़ा नगर पालिका के अध्यक्ष हैं।

एजेंसी ने पोंजी घोटाले के सिलसिले में विधायक के निजी सहायक के घर पर भी छापेमारी की।’’ उन्होंने कहा कि कोलकाता के लेक टाउन और पाइकपाड़ा इलाके में विधायक के दो आवासों पर भी केंद्रीय एजेंसी ने छापेमारी की। कमल अधिकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए स्वीकार किया कि साहनी उनके दोस्त हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस के गिरफ्तार नेता के किसी भी वित्तीय लेनदेन के बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं साहनी के किसी वित्तीय लेन देन या चिटफंड कंपनी के बारे में नहीं जानता।

यह मेरे और मेरी पार्टी के खिलाफ एक राजनीतिक साजिश है। छापेमारी में कुछ भी नहीं निकला। मैं जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हूं।’’ एक सवाल के जवाब में कि क्या साहनी ने उन्हें अपना फ्लैट खरीदने में मदद की है, कांचरपाड़ा नगरपालिका के अध्यक्ष ने दावा किया कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से अपार्टमेंट खरीदा था। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केंद्रीय एजेंसी का इस्तेमाल उनकी पार्टी के नेताओं को निशाना बनाने और उन्हें डराने के लिए कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें न्यायपालिका पर भरोसा है। पोंजी घोटाले में शामिल लोगों को दंडित किया जाएगा और यह सच्चाई भी सामने आयेगी कि भाजपा अपने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत तृणमूल कांग्रेस नेताओं को निशाना बना रही है।’’ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि रॉय इस तरह की टिप्पणी इसलिए कर रहे हैं क्योंकि केंद्रीय एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस के ‘भ्रष्ट’ नेताओं पर शिकंजा कस दिया है।

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