By अभिनय आकाश | Oct 06, 2026
पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को स्वतंत्र भारद्वाज को रेगुलर ज़मानत दे दी। उन पर 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट का आरोप था। स्पेशल जज (SC/ST एक्ट) SPS लालर ने भारद्वाज को रेगुलर ज़मानत दी, क्योंकि उन्होंने पाया कि अंतरिम ज़मानत के दौरान लगाई गई शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ था। उम्मीद है कि कोर्ट आज ही ज़मानत की शर्तों के बारे में विस्तार से आदेश जारी करेगा। इससे पहले, 15 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दी थी, जिसमें कई सख़्त शर्तें थीं, जैसे कि इस मामले से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट न करना या इंटरव्यू न देना। रेगुलर ज़मानत की अर्ज़ी पर विचार करने से पहले अंतरिम ज़मानत के दौरान उनके व्यवहार पर नज़र रखी जानी थी।
इस मामले में, कोर्ट ने कहा कि आरोपी दस दिन से ज़्यादा समय से कस्टडी में था, जिससे उसे "सोचने-समझने का समय मिला होगा।" कोर्ट ने देखा कि आरोपी से कस्टडी में पूछताछ पूरी हो चुकी थी और इन अपराधों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा सात साल की सज़ा हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि मुख्य चिंता शिकायतकर्ता और उसकी नाबालिग बेटी की सुरक्षा थी, जिसे सही शर्तों के साथ सुनिश्चित किया जा सकता है। "इस कोर्ट की राय में, पीड़ित की सुरक्षा के लिए एक्ट के तहत ज़िम्मेदारी और पर्सनल लिबर्टी की रक्षा के लिए आर्टिकल 21 के तहत ज़िम्मेदारी के बीच सबसे अच्छा तालमेल आरोपी को कड़ी शर्तों पर तीन हफ़्ते के लिए अंतरिम ज़मानत पर रिहा करके ही बिठाया जा सकता है। उस दौरान उसके व्यवहार पर नज़र रखी जाएगी और फिर उसी के आधार पर उसकी रेगुलर ज़मानत की अर्ज़ी पर विचार किया जाएगा। 23.06.2026 की घटना के बारे में जो भी फ़ैसला होना है, वह कोर्ट में सबूतों के आधार पर होना चाहिए, न कि पब्लिक में या सोशल मीडिया पर," स्पेशल जज लालर ने 15 सितंबर को आदेश दिया था।