By अभिनय आकाश | Apr 10, 2024
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को संदेशखाली मामले की अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच का आदेश दिया, जिसमें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के खिलाफ महिलाओं पर यौन अत्याचार और जमीन हड़पने के आरोप लगाए गए थे। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को मछली पालन के लिए कृषि भूमि के अवैध रूपांतरण पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर हुए हमले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
अदालत ने कहा कि कोर्ट पूरे मामले पर बारीकी से नजर रखेगा। 15 दिन के अंदर प्राथमिकता के आधार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने हैं। एलईडी स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जानी हैं। आवश्यकतानुसार धनराशि राज्य द्वारा दी जाएगी। इसने मामले को 2 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। संदेशखाली प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों की एक टीम पर हमले के बाद से खबरों में है, जब वे पश्चिम बंगाल में राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में निलंबित तृणमूल नेता शेख शाहजहां के आवास पर छापेमारी करने गए थे।