By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 15, 2021
नयी दिल्ली। केंद्र ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और पंजाब के 13 जिलों में रहने वाले गैर-मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने की खातिर आमंत्रित करने की अधिसूचना संशोधित नागरिकता कानून, 2019 (सीएए) से संबंधित नहीं है। इसके साथ ही केंद्र ने कहा कि यह (अधिसूचना) केंद्र सरकार के पास निहित शक्ति स्थानीय अधिकारियों को सौंपने की प्रकिया मात्र’’ है।
यह हलफनामा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में दायर किया गया है। इसमें कहा गया है कि 28 मई, 2021 की अधिसूचना ऐसे विदेशियों के नागरिकता आवेदनों के शीघ्र निपटारे के लिए विकेंद्रीकरण की एक प्रक्रिया है क्योंकि अब प्रत्येक मामले की जांच के बाद निर्णय जिला या राज्य स्तर पर ही लिया जाएगा। आईयूएमएल ने एक जून को उच्चतम न्यायालय में केंद्र की अधिसूचना को चुनौती दी थी। याचिका में दलील दी गयी थी कि सीएए के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली आईयूएमएल द्वारा दायर लंबित याचिका में केंद्र न्यायालय को दिए गए आश्वासन को दरकिनार करने की कोशिश कर रहा है।