By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 01, 2021
नयी दिल्ली। असम-मिजोरम सीमा पर हाल में हुए संघर्ष की सीबीआई जैसी किसी तटस्थ एजेंसी से जांच कराने की केंद्र की कोई योजना नहीं है, लेकिन वह विवाद का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान करने की कोशिश कर रहा है। सरकार के दो शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसा कोई निर्णय नहीं लेना चाहती जिससे स्थिति और बिगड़े। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असम और मिजोरम के बीच मौजूदा सीमा विवाद का शांतिपूर्ण समाधान चाहती है तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों मुख्यमंत्रियों-हिमंत बिस्व सरमा (असम) और जोरमथंगा (मिजोरम) दोनों के लगातार संपर्क में हैं।
छब्बीस जुलाई की हिंसा के बाद असम और मिजोरम पुलिस दोनों ने एक-दूसरे के राजनीतिक नेताओं, पुलिस और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की हैं। सरकार के दोनों अधिकारियों ने असम-मिजोरम सीमा पर तनाव कम करने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया। दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों ने 28 जुलाई को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में भाग लिया था जिसमें संघर्ष स्थल पर एक तटस्थ बल (सीआरपीएफ) को तैनात करने का निर्णय हुआ। इससे पहले, दोनों मुख्य सचिवों ने दिल्ली में एक द्विपक्षीय बैठक में मुलाकात की थी। इसके बाद, केंद्र सरकार ने दोनों राज्यों को परामर्श जारी कर अंतरराज्यीय सीमा पर शांति बनाए रखने को कहा था। दोनों अधिकारियों ने कहा कि 26 जुलाई की हिंसा एक ‘‘छिटपुट’’ घटना थी और भविष्य में इस तरह की घटना फिर से होने की संभावना नहीं है।