केंद्र सरकार ने पुलिस से जुड़े कानून को लेकर पेश किया आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, जानिए इससे क्या होगा फायदा?

By अभिनय आकाश | Mar 28, 2022

केंद्र सरकार ने आज लोकसभा में आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022 पेश किया। पुलिस से जुड़े इस कानून को बेहज अहम माना जा रहा है। इसमें किसी अपराध के मामले में गिरफ्तार और दोषसिद्ध अपराधियों का रिकॉर्ड रखने के लिये अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग की अनुमति देने का प्रस्ताव किया गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी इसे पेश करते हुए लोकसभा में कहा कि मौजूदा बन्दी शिनाख्त अधिनियम साल 1920 में बना था और उसमें केवल फिंगर और फुट प्रिंट लिया जाता था। दुनिया में बहुत से चीज़ें बदली हैं,आपराधियों को और अपराध करने का जो ट्रेंड बढ़ा है इसलिए हम दण्ड प्रक्रिया शिनाख्त अधिनियम 2022 लेकर आए हैं। इससे हमारे जांच एजेंसियों को फायदा होगा और प्रॉसिक्यूशन बढ़ेगा। प्रॉसिक्यूशन के साथ-साथ कोर्ट में दोषसिद्धि की प्रतिशत भी बढ़ने की पूरी संभावनाएं हैं।

क्या है आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक

इस विधेयक के माध्यम से वर्ष 1920 के कैदियों की पहचान संबंधी कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। औपनिवेशिक ब्रिटिश काल के वर्तमान कानून में उन दोष सिद्ध अपराधियों और अपराध के मामले में गिरफ्तार लोगों के शरीर के सीमित स्तर पर माप की अनुमति दी गई है जिसमें एक वर्ष या उससे अधिक सश्रम कारावास का प्रावधान होता है। इस विधेयक में दोषियों और अपराध के मामले में गिरफ्तार लोगों का विभिन्न प्रकार का ब्यौरा एकत्र करने की अनुमति देने की बात कही गई है जिसमें अंगुली एवं हथेली की छाप या प्रिंट, पैरों की छाप, फोटो, आंखों की पुतली, रेटिना और लिखावट के नमूने आदि शामिल हैं। सरकार का मानना है कि अधिक से अधिक ब्यौरा मिलने से दोष सिद्धि दर में वृद्धि होगी और जांचकर्ताओं को अपराधियों को पकड़ने में सुविधा होगी।

प्रमुख खबरें

Rahul Gandhi ने Devendra Fadnavis को लिखा पत्र, आदिवासी छात्रों की मांग उठाई

Karnataka में IPC करेगी ₹83,480 करोड़ का निवेश, बनेगा Data Centre

Bajaj Auto अगले 45 दिनों में उतारेगी 3 नए उत्पाद, 2 नए ब्रांड भी करेगी पेश

Jyotiraditya Scindia ने पेश किया Dak Seva App, घर बैठे मिलेंगी डाक विभाग की सुविधाएं