Chai Par Sameeksha: क्या चुनावी फायदे के लिए हो रहा CBI-ED का इस्तेमाल?

By अंकित सिंह | Nov 01, 2023

प्रभासाक्षी के खास कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में हमने इस सप्ताह भी देश की राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे जी। हमने पहला सवाल उनसे देश भर में ईडी और सीबीआई की छापेमारी को लेकर हो रही राजनीति पर पूछा। उन्होंने कहा कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है चलती रहती है। हालांकि जिन राज्यों में चुनाव है वहां यह राजनीतिक मुद्दा बन जाता है। इसके साथ ही राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर पीएम मोदी को मिले निमंत्रण पर भी हमने सवाल पूछा। नीरज दुबे ने कहा के प्रधानमंत्री हमेशा कहते हैं कि हमने जिसका शिलान्यास किया, उसका उद्घाटन भी हम करते हैं। प्रधानमंत्री ठीक वैसा ही कुछ करने जा रहे हैं और यह राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए क्योंकि भाजपा ने राम मंदिर के लिए संघर्ष किया है। साथ ही साथ हमने दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर भी हो रही राजनीति पर चर्चा की।

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अयोध्या में 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसको लेकर राजनीति शुरू हो गई है। इस सवाल के जवाब में नीरज दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार कहते रहे हैं कि जिसका हम शिलान्यास करते हैं, उसका उद्घाटन भी करते हैं। प्रधानमंत्री ने राम मंदिर का शिलान्यास किया था तो वह इसका उद्घाटन करने भी अयोध्या जा रहे हैं। नीरज दुबे ने कहा कि लगभग 2500 विआईपी को आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग सवाल कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी वहां क्यों जा रहे हैं, यह वही लोग हैं जो यह कहते थे कि मंदिर वहीं बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे। आज जब मंदिर बन रहा है तो यह सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पहले भी सवाल किए हैं, वह आज भी सवाल कर रहे हैं और प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन भी सवाल करते रहेंगे। लेकिन बीजेपी ने राम मंदिर के लिए संघर्ष किया है और वह इसका क्रेडिट लेना भी चाहेगी। 

दिल्ली और मुंबई में वायु प्रदूषण को लेकर भी हमने सवाल उठाए। नीरज दुबे ने कहा कि वायु प्रदूषण चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि शायद जो हमारी सरकारें हैं वह आंखें मूंदकर प्रदूषण के मामले में बैठी हुई है। कोई ठोस निर्णय नहीं लेना चाहती। जब भी प्रदूषण का दायरा बढ़ता है तो अलग-अलग तरह की घोषणाएं करती जाती है। तमाम टास्क बना दिए जाते हैं। लेकिन उनका इंप्लीमेंट लगातार होता रहे इस पर किसी का ध्यान नहीं रहता। ओड-इवन, इंजन ऑन-ऑफ की बजाय हमें मूल समस्याओं पर जाना चाहिए। अगर किसान पराली जला रहे हैं जिसकी वजह से दिल्ली एनसीआर में समस्याएं हैं तो इस समस्या को जड़ से खत्म करना चाहिए। किसान अपनी अगली फसल के लिए तैयारी पहले भी करते थे और आज भी कर रहे हैं।

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