By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 18, 2026
19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और इसका समापन 27 मार्च होगा। चैत्र नवरात्रि का समय देवी माता दुर्गा की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। नवरात्रि का त्योहार गहन भक्ति, आत्म-शुद्धि और शक्ति के उत्सव के समय के रुप में मनाया जाता है। इन नौ पवित्र दिनों में देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। हर दिन के लिए निर्धारित रंगों का विशेष महत्व होता है, जिन्हें धारण करने से पूजा का फल और अधिक शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि इन दिनों में कौन-कौन से रंग पहनकर माता की उपासना करनी चाहिए।
चैत्र नवरात्रि के नौ रंग
पहला दिन (19 मार्च, 2026) - पीला रंग- मां शैलपुत्री
नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है। पीला रंग खुशी, जीवंतता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। शैलपुत्री माता के पहाड़ों की शक्ति का प्रतीक भी कहा जाता है, जो मां शैलपुत्री की अटूट शक्ति को प्रस्तुत करता है। नवरात्र के पहले दिन पीले रंग के वस्त्रों में पूजन करें, इससे आपके जीवन में कई लाभ हो सकते हैं।
दूसरा दिन (20 मार्च, 2026)-हरा रंग- मां ब्रह्मचारिणी
हरा रंग शांति, विकास और आध्यात्मिक सद्भाव का प्रतीक है। हिंदू धर्म में माता ब्रह्मचारिणी को तपस्या और आत्म-अनुशासन का माना जाता है। नवरात्रि के दूसरे दिन आप हरे रंग के कपड़े पहन सकते हैं। हरे रंग के वस्त्र पहनकर माता ब्रह्मचारिणी की पूजा करें।
तीसरा दिन (21 मार्च, 2026)-स्लेटी रंग- मां चंद्रघंटा
स्लेटी रंग को शांति, संतुलन और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघंटा की कृपा से जीवन में साहस और मानसिक शांति का संचार होता है। चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन यदि आप ग्रे रंग के वस्त्र पहनकर मां दुर्गा की पूजा करती हैं, तो इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और आपको पूजा का पूरा लाभ प्राप्त होता है।
चौथा दिन (22 मार्च, 2026)-नारंगी रंग- मां कुष्मांडा
नवरात्र के चौथे दिन नारंगी रंग के कपड़े पहनें। नारंगी रंग को रचनात्मकता, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। मां कुष्मांडा ब्रह्मांड की रचना से जुड़ी है। नारंगी कपड़े पहनकर मां कुष्मांडा की पूजा करें, इससे आपको पूर्ण फल मिलेगा।
पांचवां दिन (23 मार्च, 2026)- सफेद रंग- मां स्कंदमाता
सफेद रंग को पवित्रता, शांति और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। पांचवे दिन सफेद रंग के कपड़े पहनें। भगवान कार्तिकेय की माता मां स्कंदमाता पालन-पोषण और संरक्षण का प्रतिनिधित्व करती हैं। यदि आप चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा के लिए सफेद रंग के वस्त्रों पहनेंगी तो इसके लाभ दिखाई देने लगेंगे।
छठा दिन (24 मार्च, 2026)- लाल रंग- मां कात्यायनी
लाल रंग शक्ति, जोश और क्रोध का रंग माना जाता है। माता कात्यायनी धार्मिक क्रोध और बुरी शक्तियों से रक्षा का प्रतीक है। अगर आप नवरात्र के छठें दिन माता कात्यायनी की पूजा लाल रंग के वस्त्रों में करेंगी तो जीवन में इसके लाभ दिखाई देंगे और आपके सभी कष्टों से मुक्ति मिलेगी।
सातवां दिन (25 मार्च, 2026)- रॉयल ब्लू- मां कालरात्रि
रॉयल ब्लू रंग आत्मविश्वास, आध्यात्मिक ज्ञान और विशालता का प्रतीक माना जाता है। सातवां दिन मां कालरात्रि का है, जो अंधकार और भय को दूर करती हैं और भक्तों को शक्ति प्रदान करती हैं। आप नवरात्रि के सातवें दिन रॉयल ब्लू यानी नीले रंग के वस्त्रों में माता का पूजा करने से आपको जीवन में समृद्धि बनीं रहेगी।
आठवां दिन (26 मार्च, 2026)-गुलाबी-मां महागौरी
नवरात्र के आठवां दिन माता महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन गुलाबी रंग के कपड़े पहने जाएंगे। गुलाबी रंग प्रेम, करुणा और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। माता महागौरी पूजा उनकी पवित्रता और कृपा के लिए की जाती है। अगर आप इस दिन गुलाबी रंग के वस्त्रों में मां दुर्गा की पूजा करेंगी, तो जीवन में सफलता के योग बन सकते हैं।
नौवां दिन (27 मार्च, 2026)-बैंगनी- मां सिद्धिदात्री और राम नवमी
बैंगनी रंग आध्यात्मिक विकास, महत्वाकांक्षा और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो आध्यात्मिक शक्तियों और दिव्य ज्ञान के लिए की जानी जाती है। अगर आप इस दिन बैंगनी रंग के कपड़े पहनते, तो सभी कार्य पूरे होंगे।