By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 01, 2026
चंदौली जिले में एक फर्जी कॉल सेंटर के जरिये बुजुर्ग जापानी नागरिकों को निशाना बनाकर उनके कंप्यूटर और मोबाइल फोन तक पहुंच हासिल करने तथा उनसे बड़ी रकम ठगने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि आरोपियों में से एक के दो बैंक खातों में जमा करीब नौ लाख रुपये की राशि फ्रीज कर दी गई है और पुलिस अब कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े धन के लेन-देन की पड़ताल कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक (सदर) विक्रम दहिया ने बताया कि गिरोह मुख्य रूप से बुजुर्ग जापानी नागरिकों को निशाना बनाता था।
उन्होंने बताया कि पुलिस अब रकम के लेन-देन के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है, ताकि यह पता चल सके कि ठगी से प्राप्त रकम किन-किन खातों में भेजी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कॉल सेंटर मुगलसराय के कैलाशपुरी इलाके में एक शोरूम की इमारत की तीसरी मंजिल से संचालित किया जा रहा था और 29 सितंबर को मामला दर्ज होने के बाद मुगलसराय पुलिस, स्वाट, निगरानी एवं साइबर इकाई की संयुक्त टीम ने बुधवार को वहां छापा मारा। उन्होंने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह गया के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने के बहाने जापानी पर्यटकों से संपर्क स्थापित करता था।
यह भी पता चला कि गिरफ्तार कॉल सेंटर प्रबंधक रौनक सिंह ने जापानी सीखी थी और वह पीड़ितों से बात करते समय खुद को कथित तौर पर जापानी नागरिक बताता था। दहिया ने बताया कि आरोपी सुबह सात बजे से अपराह्न दो बजे तक जापान से ‘जोइपर’ एप्लीकेशन पर आने वाली कॉल के जरिए कथित ठगी को अंजाम देते थे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रौनक सिंह (32), रोशन कुमार (21), अमन कुमार (23), अंकित कुमार (25) और विकास वैभव (25) के रूप में हुई है और सभी बिहार के रहने वाले हैं।
दहिया ने बताया कि पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर मॉनिटर, 20 सीपीयू, 19 कीबोर्ड, हेडफोन, माउस, छह मोबाइल फोन, जाली दस्तावेज और वाराणसी के पतों वाले आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह का सरगना अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।