By दिनेश शुक्ल | Jul 06, 2020
भोपाल। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सवाल उठने लगे है। गुरूवार 02 जुलाई को 12 सिंधिया समर्थकों सहित 28 मंत्रियों को अपनी कैबिनेट में शामिल किया था। जिन्हें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शपथ दिलवाई थी। वही अब मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की संख्या को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप-नेता प्रतिपक्ष चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने सवाल खडे किए है। चौधरी राकेश सिंह ने शिवराज मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की संख्या को लेकर राज्यपाल को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होनें भाजपा की शिवराज सरकार में शामिल मंत्रियों की संख्या को गैर संवैधानिक बताया है।
उन्होनें राज्यपाल से अनुरोध करते हुए शिवराज मंत्रिमंडल तो तत्काल प्रभाव से गैर संवैधानिक घोषित करने का अग्रह किया है। इसके पहले कांग्रेस नेता और राज्य सभा सांसद विवेक तन्खा ने आरोप लगाया था कि शिवराज सिंह चौहान ने फिर से कानून का उल्लंघन किया है। पहले तो उन्होंने बिना कैबिनेट के सरकार चलाई और जब राष्ट्रपति से शिकायत की तो 5 मंत्री बनाए जो 12 से कम थे। उन्होंने कहा कि विधायकों की प्रभावी संख्या 206 के 15% से ज्यादा मंत्री बनाकर कानून को तोड़ा है और कांग्रेस इस गैरकानूनी मंत्रिमंडल के खिलाफ कोर्ट जाएगी। हालांकि, बीजेपी ने कांग्रेस के आरोप को खारिज किया है। मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ने बताया है कि मंत्रियों की संख्या को लेकर कांग्रेस के आरोप में कोई संवैधानिक दम नहीं है, क्योंकि भारत के संविधान के 91वें संशोधन 2003 के अनुसार सदन की कुल संख्या के 15% मंत्री बनाए जा सकते हैं। सदन की वर्तमान सदस्य संख्या का उससे कोई लेना देना नहीं है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा में सदन की कुल संख्या 230 है और इसके 15% के हिसाब से मध्य प्रदेश में कैबिनेट सदस्यों की संख्या 34 तक हो सकती है और फिलहाल शिवराज कैबिनेट में मुख्यमंत्री को मिलाकर मंत्रियों की यही संख्या है।