By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 03, 2021
नयी दिल्ली। भारत ने किसानों के प्रदर्शन पर पॉप गायिका रिहाना सहित विदेशों की मशहूर हस्तियों एवं अन्य लोगों की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि कृषि सुधारों के बारे में देश के किसानों के एक बहुत ही छोटे वर्ग को कुछ आपत्तियां हैं और विरोध प्रदर्शन के बारे में टिप्पणी करने की जल्दबाजी से पहले तथ्यों की जांच-परख की जानी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘‘ खास तौर पर मशहूर हस्तियों एवं अन्य द्वारा सोशल मीडिया पर हैशटैग और टिप्पणियों को सनसनीखेज बनाने की ललक न तो सही है और न ही जिम्मेदाराना होती है।’’
थनबर्ग ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘‘ हम भारत में किसानों के आंदोलन के प्रति एकजुट हैं।’’ उन्होंने इसके साथ ही सीएनएन की एक खबर टैग की जिसका शीर्षक था, ‘‘प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस में झड़प के बीच भारत ने नयी दिल्ली के आसपास इंटरनेट सेवा बंद की।’’ मंत्रालय ने यह भी कहा कि संसद ने कृषि क्षेत्र से जुड़े सुधारवादी विधेयक पारित किये हैं। इसमें कहा गया है कि कुछ निहित स्वार्थी समूहों ने भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने का प्रयास किया। बयान में कहा गया है कि, ‘‘ हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि इन प्रदर्शनों को भारत के लोकतांत्रिक आचार और राज्य-व्यवस्था के संदर्भ में तथा संबंधित किसान समूहों से गतिरोध दूर करने के सरकार के प्रयासों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।’’ मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मामलों में कोई भी टिप्पणी करने की जल्दबाजी से पहले तथ्यों को परखा जाना चाहिए और मुद्दों के बारे में उपयुक्त समझ बनानी चाहिए।