Chhattisgarh: IGKV ने Paper Leak की शिकायत के बाद परीक्षा रद्द की, जांच समिति बनी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 21, 2026

छत्तीसगढ़ में रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) से संबद्ध महाविद्यालयों में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एक विषय की परीक्षा बृहस्पतिवार को कथित प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायतों के बाद रद्द कर दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साय ने कहा, “विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी है और समिति का गठन किया है। मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” आईजीकेवी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि परीक्षा बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे शुरू होनी थी, लेकिन डीन के कार्यालय को सुबह करीब नौ बजे कथित प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत वाला एक ईमेल मिला।

अधिकारी ने कहा कि ईमेल के साथ कोई प्रश्नपत्र संलग्न नहीं था। इसके बाद विद्यार्थियों के कुछ व्हॉट्सऐप समूहों में एक प्रश्नपत्र प्रसारित हुआ और दावा किया गया कि यह लीक हुआ प्रश्नपत्र है। उन्होंने कहा, “जांच करने पर पता चला कि प्रसारित प्रश्नपत्र वास्तविक प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल नहीं खाता था, लेकिन उसमें करीब 70 प्रतिशत प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र के प्रश्नों से मिलते-जुलते थे।” इसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया।

अधिकारी ने कहा कि चार सदस्यीय समिति मामले की जांच करेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि छात्रों को विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचनाओं पर नियमित रूप से नजर रखने और संशोधित परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी के लिए अपने संबंधित महाविद्यालयों या डीन कार्यालय के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की आलोचना की।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि बीएससी द्वितीय वर्ष के कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र के परीक्षा से पहले लीक होने की कथित घटना “गंभीर और चिंताजनक” है। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र का लीक होना न केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता है, बल्कि उन हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है जो ऐसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। राजपूत ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय के बाहर कैसे पहुंचा।

उन्होंने दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति, अधिकारी या एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

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