पूर्वी लद्दाख के पास नए मिसाइल रेजिमेंट तैनात कर रहा चीन, भारत ने जताई चिंता

By अभिनय आकाश | Nov 28, 2021

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ सैन्य बुनियादी ढांचे में चीन लगातार भारी निवेश कर रहा है। ऐसे में भारत की तरफ से पूर्वी लद्दाख सेक्टर के सामने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा निर्माण पर चिंता जताई गई है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के दौरान भारतीय पक्ष ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर के पास के इलाकों में चीनी सेना द्वारा निर्माण पर चिंता व्यक्त की गई। सूत्रों के हवाले से एएनआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय पक्ष के लिए चिंता के कारण चीन द्वारा नए हाइवे का निर्माण है जो सड़कों को जोड़ रहे हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास नए आवास और बस्तियों का निर्माण चीन द्वारा किया जा रहा है। अपनी तरफ मिसाइल रेजिमेंट सहित भारी हथियारों को तैनात किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्रैगन ने एलएसी के अपनी ओर मिसाइल रेजिमेंट सहित भारी हथियारों को तैनात किया है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि सैन्य बुनियादी ढांचे का अपग्रेड बहुत महत्वपूर्ण रहा है क्योंकि चीन राजमार्गों को चौड़ा कर रहा है और काशगर, गार गुनसा और होतान में मुख्य ठिकानों के अलावा नई हवाई पट्टियों का निर्माण किया जा रहा है। एक बड़ा चौड़ा राजमार्ग भी विकसित किया जा रहा है जो एलएसी पर चीनी सैन्य ठिकानों की आंतरिक इलाकों से कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगा। सूत्रों ने कहा कि चीनी सेना ने अपनी वायु सेना और सेना के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित किया है ताकि उन्हें उन्हें अमेरिकी और अन्य सैटेलाइन की नजरों से बचाया जा सके।

तिब्बत को लोगों को भर्ती करने में लगा चीन 

तिब्बतियों को भर्ती करने और उन्हें मुख्य भूमि हान सैनिकों के साथ सीमा चौकियों पर तैनात करने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। जिसके पीछे की वजह चीन के मुख्य भूमि के सैनिकों के लिए यहां काम करना काफी कठिन होता है इसलिए वो चुनौतीपूर्ण इलाके में इनका इस्तेमाल करना चाहता है। सूत्रों ने कहा कि तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (Tibet Autonomous Region) में PLA द्वारा नियंत्रित रॉकेट और मिसाइल रेजिमेंट तैनात किए गए हैं।

भारत भी पूरी तरह तैयार 

भारतीय पक्ष भी पिछले साल की तुलना में बहुत अधिक तैयार है क्योंकि उसने इस क्षेत्र में किसी भी दुस्साहस से निपटने के लिए जो कुछ भी आवश्यक कदम हैं वो उठाए गए हैं। उत्तरी सीमाओं पर संघर्ष तब शुरू हुआ जब चीनी सेना ने आक्रामक व्यवहार करना शुरू कर दिया। 

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