चीन-पाकिस्तान की क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बिगाड़ने की कोशिश? दोनों देशों की नौसैनिक डील पर भारत की पैनी निगाह, नौसेना प्रमुख का बयान

By रेनू तिवारी | Nov 21, 2025

इंडियन नेवी ने गुरुवार को कहा कि वह चीन के पाकिस्तान को एडवांस्ड सबमरीन की डिलीवरी तेज़ करने पर कड़ी नज़र रख रही है। इस कदम को इस्लामाबाद की रीजनल नेवल बैलेंस को बदलने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। नेवी के वाइस चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने कहा कि वह ऑपरेशनल तैयारी बनाए हुए है। उन्होंने कहा, “हमें पता है कि चीन पाकिस्तान को सबमरीन और जहाज़ सप्लाई कर रहा है। हम हर चीज़ पर करीब से नज़र रख रहे हैं, और इंडियन नेवी पूरी तरह तैयार है।”

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पोत को इस महीने की शुरुआत में एक गोपनीय कार्यक्रम के दौरान सेवा में शामिल किया गया था। उस कार्यक्रम में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी मौजूद थे। चीन द्वारा पाकिस्तान को पनडुब्बियां और दूसरे सैन्य उपकरण देने के बारे में पूछे जाने पर, उप नौसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘यह सच है और हमें इसकी पूरी जानकारी है। हमें पता है कि वे (चीन) उन्हें (पाकिस्तान को) पनडुब्बियां दे रहे हैं, इनकी तैनाती बहुत जल्द शुरू होगी। हम हर स्थिति पर नज़र रख रहे हैं।

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पाकिस्तान, चीन के साथ $5 बिलियन की डील के तहत आठ हैंगर-क्लास डीज़ल-इलेक्ट्रिक सबमरीन को शामिल करने वाला है। यह प्रोग्राम पहली बार 2015 में साइन किया गया था, जिसमें चीन में बनी चार बोट और पाकिस्तान में असेंबल की गई चार बोट शामिल हैं। पहली सबमरीन अप्रैल 2024 में लॉन्च की गई थी, इसके बाद इस साल दो और लॉन्च की गईं। सभी आठों की डिलीवरी 2022 और 2028 के बीच होनी है।

पाकिस्तान के नेवल चीफ एडमिरल नवीद अशरफ ने हाल ही में ग्लोबल टाइम्स को बताया कि 2026 तक इंडक्शन ट्रैक पर है। उन्होंने दूसरी और तीसरी बोट के लॉन्च को "चीन और पाकिस्तान के बीच नेवल कोलेबोरेशन के लिए एक बड़ा माइलस्टोन" बताया। मई में भारत के साथ बढ़े तनाव के दौरान मिलिट्री की आवाज़ों द्वारा उनकी नेवी की तैयारी पर सवाल उठाए जाने के बाद, ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान अपनी नेवी की स्थिति को मज़बूत कर रहा है।

वात्स्यायन, जिन्होंने अगस्त में नेवल स्टाफ के वाइस चीफ का पद संभाला था, ने सुझाव दिया कि भारत समय से आगे रहने के लिए खुद को फिर से तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि टैक्टिक्स, फोर्स स्ट्रक्चर और कैपेबिलिटी की ज़रूरतों का लगातार रिव्यू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “[पाकिस्तान का] सबमरीन इंडक्शन बहुत जल्द शुरू होगा, लेकिन हम हर सिचुएशन पर नज़र रख रहे हैं और हम इसका मुकाबला करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और हम जानते हैं कि एंटी-सबमरीन वॉरफेयर के एरिया में हमें किन कैपेबिलिटी की ज़रूरत है।”

भारत अभी तीन स्वदेशी रूप से डेवलप की गई न्यूक्लियर-पावर्ड सबमरीन और फ्रांस, जर्मनी और रूस के साथ दशकों में बनी कई क्लास की डीज़ल-इलेक्ट्रिक अटैक सबमरीन ऑपरेट करता है।

नेवी वाइस चीफ ने भरोसा दिलाया कि एडवांस्ड वेसल को शामिल करने और खरीदने का काम अभी चल रहा है।

वात्स्यायन ने चीन के नेवल एक्सपेंशन पर भी बात की, जिसमें उसका तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर, नया कमीशन किया गया फ़ुज़ियान भी शामिल है। लेकिन उन्होंने भारत की अपनी समुद्री बढ़त पर भरोसा जताया। “जहां तक ​​चीन की बात है, उनका तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर आ गया है। हालांकि, हमारे अपने जहाज जो बन रहे हैं, वे अगले दो सालों में डिलीवर किए जाएंगे। हमें पूरा भरोसा है कि अगले 5 से 7 सालों में कैपेबिलिटी आ जाएगी।” 

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