By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 17, 2022
बीजिंग। चीन की जनसंख्या पिछले साल के अंत तक 1.4126 अरब रही यानी कुल आबादी में पांच लाख से भी कम की वृद्धि हुई क्योंकि जन्म दर लगातार पांचवें साल घटी। ये आंकड़े विश्व की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश के ऊपर मंडराते जनसांख्यिकी खतरे और उसके चलते होने वाले आर्थिक खतरे को लेकर भय पैदा करते हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने कहा कि 2021 के अंत तक, चीन के मुख्य भूभाग में आबादी 2020 की 1.4120 अरब से बढ़कर 1.4126 अरब रही। एनबीएस के आंकड़ों के मुताबिक चीन की जनसंख्या 2020 की तुलना में एक साल में 4,80,000 बढ़ी।
चीनी प्रांतों ने जन्म दर में भारी गिरावट को रोकने के मकसद से दंपतियों को तीन बच्चे पैदा करने के प्रति प्रेरित करने के लिए कई सहायक उपायों की घोषणा करना शुरू कर दिया है। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने इससे पहले खबर दी थी कि बीजिंग, सिचुआन और जियांगशी प्रांतों ने कई सहायक उपाय शुरू किए जिनमें माता-पिता को अधिक छुट्टी देना, मातृत्व अवकाश, विवाह के लिए छुट्टी और पितृत्व अवकाश बढ़ाना शामिल है। चीन ने 2016 में सभी दंपतियों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दे दी थी। इसने दशकों पुरानी एक बच्चे की नीति को खत्म कर दिया, जिसे नीति निर्माता वर्तमान जनसांख्यिकीय संकट के लिए दोषी मानते हैं।