By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 21, 2026
चीन ने बौद्धिक संपदा की चोरी के आरोपी एवं गूगल के एक पूर्व इंजीनियर से जुड़ी पांच चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने के अमेरिका के फैसले का कड़ा विरोध किया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के इस कदम से चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह बेहद निंदनीय कदम है।
ये कंपनियां लिनवेई डिंग से जुड़ी हैं, जिन्होंने शंघाई झिसुआन टेक्नोलॉजी की स्थापना की थी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, डिंग ने गूगल में काम करने के अपने अनुभव का हवाला देते हुए दावा किया था कि उनकी कंपनी अमेरिकी प्रौद्योगिकी क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी की ‘सुपर इंटेलिजेंस’ संबंधी प्रौद्योगिकी जैसी तकनीक विकसित कर सकती है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नए उद्यमों को शुरुआती दौर में सहायता देने वाले कार्यक्रम ‘मिरेकलप्लस’ ने झिसुआन में हिस्सेदारी के बदले उसे शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई थी।
झिसुआन के साथ मिरेकलप्लस पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। प्रतिबंधों का सामना कर रही अन्य तीन चीनी कंपनियां मिरेकलप्लस से जुड़ी हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि झिसुआन ने ‘‘अमेरिकी नागरिकों और संस्थाओं के व्यापारिक रहस्यों की बड़े पैमाने पर जानबूझकर चोरी की है या उससे लाभ उठाया है।
यह चोरी पांच जनवरी 2023 या उसके बाद हुई थी।’’ डिंग पर 2024 में गूगल से कृत्रिम मेधा (एआई) संबंधी व्यापारिक रहस्य चुराने का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि उस समय वह गुप्त रूप से चीन स्थित दो कंपनियों के लिए भी काम कर रहे थे। इस साल जनवरी में सैन फ्रांसिस्को की एक संघीय जूरी ने डिंग को आर्थिक जासूसी और व्यापारिक रहस्यों की चोरी के कई मामलों में दोषी ठहराया था।
हालांकि, बाद में एक न्यायाधीश ने आर्थिक जासूसी के आरोपों को खारिज कर दिया और डिंग को 12 महीने की जेल की सजा सुनाई। अमेरिकी न्याय विभाग ने आर्थिक जासूसी के आरोप खारिज किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील की है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में देश का विकास ‘‘बुनियादी अनुसंधान पर लंबे समय से दिए जा रहे ध्यान, नवोन्मेष में लगातार निवेश, स्वतंत्र वैज्ञानिक एवं तकनीकी नवाचार तथा खुले सहयोग की नीति पर कायम रहने का परिणाम है।’’ मंत्रालय ने कहा कि चीन की उपलब्धियों का ‘‘व्यापारिक रहस्यों की तथाकथित चोरी से कोई लेना-देना नहीं है।’’