अफगानिस्तान पहुंचे चीनी विदेश मंत्री वांग यी, तालिबान से इन मुद्दों पर होगी बातचीत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 24, 2022

काबुल।चीन के विदेश मंत्री वांग यी बृहस्पतिवार को अचानक काबुल पहुंचे। वह अफगानिस्तान के तालिबान शासकों से मिलने के लिए काबुल आये हैं। हालांकि, कक्षा छह से ऊपर की लड़कियों के लिए स्कूल खोलने के वादे को तोड़ने जैसे रूढ़ि वादी कदम को लेकर एक दिन पहले ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तालिबान शासकों से नाराजगी जताई थी। बख्तर समाचार एजेंसी ने ऐलान किया कि वांग यी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए तालिबान के नेताओं से मिलेंगे। राजनीतिक संबंध, आर्थिक मामले और आपसी सहयोग के मुद्दों पर वह चर्चा करेंगे। अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो के साथ चले 20 साल के युद्ध की समाप्ति के बाद पिछले साल अगस्त में तालिबन ने अफगानिस्तान की सत्ता अपने हाथ में ली। इसके बाद से तालिबान की कोशिश अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करने की है ताकि वह अपनी अर्थव्यवस्था को खोल सके, जो उसके आगमन के बाद से ही लगातार गिर रही है।

इसके पहले पिछले साल जुलाई में वांग ने चीनी शहर तियानजिन में एक उच्च स्तरीय तालिबान प्रतिनिधिमंडल की अगवानी की थी जिसकी अगुवाई अब्दुल गनी बरादर कर रहे थे। इस बैठक में वांग ने यह आश्वासन मांगा था कि तालिबान चीन विरोधी समूहों को अपनी धरती से अभियान चलाने की अनुमति नहीं देगा। इस तरह की रिपोर्ट हैं कि ‘उइगुर पूर्वी तुर्किस्तान आंदोलन’ के सदस्य, जो उत्तर पश्चिम चीन में स्वतंत्र देश की मांग कर रहे हैं, अफगानिस्तान में शरण लिये हुए हैं। उइगुर मुस्लिम समुदाय के उग्रवादी चीन के उत्तर पश्चिमी प्रांत शिनजियांग के मूल निवासी हैं। इसके अलावा उइघर विद्रोही खोराजान प्रांत में इस्लामिक इस्टेट के सहयोग संगठन कें संपर्क में हैं। चीन ने उइघर और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ दमनकारी अभियान चलाया है, जिसके तहत राजनीतिक पुनर्शिक्षा शिविरों में 10 लाख या इससे अधिक उइगुर मुस्लिमों को बंद करना शामिल है। विदेश में पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट सालों से चीनी शासन के खिलाफ निचले स्तर का विद्रोह करता आया है।

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चीन के उत्तर पश्चिमी प्रांत शिनजियांग में अल्पसंख्यक मुस्लिम उइगुर के खिलाफ बीजिंग की कठोर कार्रवाई को लेकर लगातार लिखित रिपोर्ट मिल रही हैं। इसके बावजूद इस हफ्ते पड़ोसी देश पाकिस्तान में आयोजित इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की बैठक में वांग का विशेष अतिथि के रूप में स्वागत किया गया। इस बैठक में वांग ने यूक्रेन में युद्ध के अंत की अपील की। लेकिन पाकिस्तान समेत आईआईसी के किसी भी सदस्य देश ने मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ चीन के उन कठोर कार्रवाई को लेकर कोई आवाज नहीं उठाई, जिसमें मस्जिदों का गिराया जाना और धार्मिक कार्यों में शामिल उइगुर मुस्लिमों को जेल भेजना शामिल है।

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