भारत में चिप डिजाइन यूनिट बढ़ाएगी Cisco, CEO चक रॉबिन्स ने सराही आर्थिक नीतियां

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 14, 2026

(मौमिता बख्शी चटर्जी) नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर अमेरिका की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी सिस्को के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) चक रॉबिन्स ने बुधवार को कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने वाली रणनीति काम कर रही है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों से नजर आता है। उन्होंने भारत को कंपनी के लिए एक रणनीतिक बाजार बताया और कहा कि देश का व्यापक आकार, महत्वाकांक्षा, इंजीनियरिंग पर जोर और विनिर्माण क्षमता इसे खास बनाते हैं। रॉबिन्स ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि सिस्को भारत में अपने चिप डिजाइन दल का विस्तार करने की योजना बना रही है।

फिलहाल हमारे पास इजराइल में काफी संसाधन हैं और अमेरिका में भी बड़ा दल है। भारत में इस दल का हिस्सा बनने वाला एक छोटा समूह है और हमें यहां विस्तार की बड़ी संभावना दिखती है। आगे बढ़ते हुए हम इस क्षेत्र पर खास ध्यान दे रहे हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी हाल में शुरू की गई ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ पहल का लाभ उठाएगी, रॉबिन्स ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और कंपनी के पास कामकाज का जरूरी ढांचा भी है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए यह प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें नियुक्त करने का मामला है।’’ ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ पहल के तहत सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहनों के साथ चिप डिजाइन क्षमताओं को भी बढ़ावा दिया जाता है। सिस्को के सीईओ (वैश्विक) ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने वाली रणनीति काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यहां जीडीपी वृद्धि के जो आंकड़े हम देख रहे हैं, उनसे लगता है कि यह रणनीति काम कर रही है।’’ रॉबिन्स ने कहा कि अमेरिका सिस्को का सबसे महत्वपूर्ण बाजार है, लेकिन अमेरिका के बाहर भारत और पश्चिम एशिया कंपनी के अगले दो बड़े बाजार हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण बाजार है और फिलहाल यह हमारा सबसे बड़ा बाजार है। हालांकि, अमेरिका के बाहर पश्चिम एशिया और भारत हमारे लिए अगले दो बड़े बाजार हैं, जिन पर हम ध्यान दे रहे हैं। मुझे लगता है कि वृद्धि के सबसे अधिक अवसर इन्हीं बाजारों में हैं।’’ रॉबिन्स ने कहा कि सिस्को को विभिन्न बाजारों में वृद्धि देखने को मिल रही है, लेकिन देश के व्यापक आकार, महत्वाकांक्षा, इंजीनियरिंग पर जोर और विनिर्माण क्षमता के कारण भारत लंबे समय से कंपनी के लिए रणनीतिक बाजार रहा है और आगे भी बना रहेगा।

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