By अभिनय आकाश | Apr 02, 2022
देश में केंद्रीय एजेंसियों पर अपने राजनीतिक आकाओं के इशारों पर विपक्षी नेताओं को परेशान करने के आरोप विभिन्न राज्यों की पार्टियों द्वारा लगाया जाता रहा है। कांग्रेस पार्टी और उसके पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से भी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप सरकार पर लगाए जाते रहे हैं। लेकिन अब सीजेआई की तरफ से केंद्रीय जांच एजेंसी को एक खास नसीहत दी गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने सीबीआई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में की गई टिप्पणी खासा चर्चा का विषय बन गई है। मुख्य न्यायाधीश ने सीबीआई के कामकाज पर सख्त टिप्पणी की है।
सीजेआई रमना ने इस बात पर जोर देकर कहा कि ब्रिटिश शासन से लेकर वर्तमान दौर तक भारत में पुलिस सिस्टम में कैसे कब औऱ कितना बदलाव हुआ है? लेकिन वक्त के साथ-साथ सीबीआई जैसी जांच एजेंसी सार्वजनिक निगरानी के दायरे में आ गए हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों से पुलिस की छवि धूमिल होने की बात का उल्लेख करते हुए सीजेआई ने कहा कि अक्सर पुलिस अधिकारी हमारे पास याचिका लेकर आते हैं कि ये शिकायत करने कि आम चुनावों के बाद सरकारें बदलने के बाद नई सरकार उन्हें परेशान करती हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमना ने कहा कि सच्चाई यह है कि अन्य संस्थानों में कितनी भी कमी क्यों न हो, अगर आप अपने कर्तव्य के प्रति सच्चे हैं तो कुछ भी आपके रास्ते में नहीं आ सकता है। उन्होंने कहा कि संस्था बुरी है या उतनी ही अच्छी है जितना उसका नेतृत्व। हम या तो प्रवाह के साथ जा सकते हैं या रोल मॉडल बन सकते हैं। पको याद रखना होगा कि जनप्रतिनिधि और सरकारें समय के साथ बदलती रहती हैं जबकि आप स्थायी हैं। शासक बदलते हैं लेकिन प्रशासन और व्यवस्था स्थायी रहती है।