CJI Surya Kant ने Justice Sanjay Karol को दी विदाई, कार्यशैली व मानवीय दृष्टिकोण की प्रशंसा की

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 22, 2026

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को न्यायमूर्ति संजय करोल को उनके कार्यकाल के आखिरी दिन विदाई दी। उन्होंने न्यायमूर्ति करोल की एक ऐसे न्यायाधीश के तौर पर प्रशंसा की, जिनका करियर ‘‘कानून के प्रति गंभीरता, लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैये और अपने पद के प्रति अटूट सम्मान’’ से भरा रहा। न्यायमूर्ति करोल, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की एक औपचारिक पीठ की अध्यक्षता करते हुए, प्रधान न्यायाधीश ने सेवानिवृत्त हो रहे न्यायाधीश के साथ अपने लंबे पेशेवर जुड़ाव का जिक्र किया।

प्रधान न्यायाधीश ने बताया कि त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर, न्यायमूर्ति करोल ने अनुशासित वाद सूची, मुकदमों की फाइलों पर लगातार ध्यान देने और खुद कुछ अहम मुकदमे संभालने के जरिए, 10 महीनों के भीतर लंबित मामलों की संख्या 60,000 से घटाकर 27,000 से कम कर दी थी। वहीं, न्यायमूर्ति संजय करोल ने शनिवार को अपने विदाई भाषण में कहा कि न्यायाधीश भगवान नहीं होते और उनसे भी फैसले में गलती हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायाधीश के तौर पर काम करने के लिए कुछ हद तक विनम्रता और हर वादी के पीछे छिपे वास्तविक इंसान को देखने की क्षमता जरूरी है।

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न्यायमूर्ति करोल ने कहा, ‘‘संविधान हमसे सिर्फ कानून को सही ढंग से लागू करने के लिए नहीं कहता। वह हमसे इसे न्यायपूर्ण ढंग से लागू करने के लिए कहता है। शायद इसीलिए, फैसला करने की जिम्मेदारी मुझे हमेशा महज यह तय करने से कहीं बड़ी लगी है कि कानूनी तौर पर कौन सही है।

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