By अंकित सिंह | Jan 15, 2026
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार को सिख परंपराओं पर कथित टिप्पणियों के संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए और उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। सचिवालय के समक्ष पेश होने के बाद उन्होंने कहा कि तख्त साहिब का निर्णय उन्हें सूचित किया जाएगा और वे इस निकाय के आगामी निर्णय का सम्मान करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके बयान का वीडियो 'फर्जी' है और उन्होंने इसे फोरेंसिक प्रयोगशाला में जांच कराने का प्रस्ताव रखा।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ मिली सभी शिकायतों के जवाब में मैंने श्री अकाल तक़्त साहिब के समक्ष अपना पक्ष रखा है। मैंने अकाल तक़्त साहिब के समक्ष लिखित सबूत भी पेश किए हैं। मैंने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर चल रही ये अफवाहें कि भगवंत मान श्री अकाल तक़्त साहिब को चुनौती दे रहे हैं, झूठी हैं। अकाल तक़्त साहिब के समक्ष ऐसा करने का मुझे कोई अधिकार नहीं है। सिंह साहब का फैसला मुझे बता दिया जाएगा। सिंह साहब के फैसले का सम्मान किया जाएगा... मैंने उन्हें बताया कि वीडियो फर्जी है और इसकी जांच किसी भी फोरेंसिक प्रयोगशाला में कराई जा सकती है।
इससे पहले, श्री अकाल तक़्त साहिब के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान "गोलक" मुद्दे पर अपनी टिप्पणी के संबंध में अकाल तक़्त साहिब सचिवालय के समक्ष पेश होने के लिए स्वर्ण मंदिर पहुंचे। श्री अकाल तक़्त साहिब के जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, सचिवालय में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज और तक़्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह के समक्ष मुख्यमंत्री की पेशी के दौरान जत्थेदारों ने सिख आचार संहिता से संबंधित मासिक गुरुद्वारा गजट पत्रिका की एक प्रति और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पत्र उन्हें भेंट किए।
मंगलवार को, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि 'गुरु की गोलक' के खिलाफ कथित बयानों के लिए तलब किए जाने के बाद उन्होंने श्री अकाल तक़्त साहिब के समक्ष पेशी के समय में बदलाव की मांग नहीं की थी। भगवंत मान ने एक पोस्ट में कहा कि वह श्री अकाल तकत साहिब द्वारा मांगे गए अनुसार 15 जनवरी को सुबह 10 बजे उपस्थित होने के लिए तैयार हैं।