By अभिनय आकाश | Jun 15, 2026
तेलंगाना में बीजेपी की उस मांग के बाद राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है, जिसमें कहा गया था कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को राज्य विधानसभा भंग कर देनी चाहिए और जनता से नया जनादेश लेना चाहिए। इस चुनौती का जवाब देते हुए रेड्डी ने कहा कि वह अपनी पूरी कैबिनेट के साथ इस्तीफ़ा देने को तैयार हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले इस्तीफ़ा दें और केंद्र सरकार को भंग कर दें। रेड्डी ने कहा कि अगर पीएम मोदी इस्तीफा देते हैं और अपनी सरकार भंग करते हैं, तो मैं और मेरी कैबिनेट इस्तीफा देने को तैयार हैं... राजनीतिक बयान एकतरफा नहीं होते।
बीजेपी ने पहला वार किया
यह बहस तब शुरू हुई जब BJP सांसद एम. रघुनंदन राव ने कांग्रेस सरकार पर कड़ा हमला किया और मुख्यमंत्री को विधानसभा भंग करके दोबारा जनता के बीच जाने की चुनौती दी। राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जनता की अहम चिंताओं को दूर करने में नाकाम रही है और कहा कि BJP एक बार फिर मतदाताओं के सामने अपनी ताकत आज़माने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर रेवंत रेड्डी को अपनी लीडरशिप पर भरोसा है, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए, विधानसभा भंग कर देनी चाहिए और जनता का सामना करना चाहिए। तेलंगाना के सभी आठ BJP सांसद इस्तीफ़ा देने और दोबारा चुनाव लड़ने को तैयार हैं।
बीजेपी धान की खरीद और किसानों को भुगतान में कथित देरी को लेकर राज्य सरकार को निशाना बनाती रही है। रघुनंदन राव ने कांग्रेस प्रशासन पर खरीद केंद्रों पर समस्याओं को हल करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और कल्याणकारी वादों को पूरा करने के तरीके पर सवाल उठाए। बीजेपी नेता ने कांग्रेस को खरीद से जुड़े मुद्दों के लिए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को ज़िम्मेदार न ठहराने की चेतावनी भी दी और कहा कि ज़रूरत पड़ने पर बीजेपी भी राज्य सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने में पूरी तरह सक्षम है।