By एकता | Oct 04, 2026
उत्तर प्रदेश के भदोही में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,340 करोड़ रुपये से ज्यादा की 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने जिले के विकास, कालीन उद्योग, विरासत और रोजगार को लेकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र किया।
योगी ने कहा कि स्थानीय कालीन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उन्हें एक बार फिर इस जिले में आने का अवसर मिला है। उन्होंने 112 परियोजनाओं के लिए लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास, विरासत और पूर्वजों की धरोहर को संरक्षित करने और उनके सौंदर्यीकरण के लिए अब जो धन खर्च किया जा रहा है, वह 2017 से पहले उपलब्ध नहीं था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले इन्हीं पैसों का इस्तेमाल कब्रिस्तानों की चारदीवारी बनाने के नाम पर जमीन पर कब्जा करने के लिए किया जाता था। योगी ने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार ने इस तरह के अतिक्रमण पर रोक लगाई और विरासत को संरक्षित करने, धार्मिक स्थलों के विकास और आस्था के सम्मान के लिए काम किया।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और उत्तर प्रदेश को माफिया, कर्फ्यू और अशांति से मुक्त राज्य बनाने की दिशा में काम किया गया है। उनके मुताबिक, राज्य की पहचान अब उत्सव और त्योहारों से हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के सदस्यों को लेकर कहा कि जो लोग युवाओं के लिए मिलने वाले रोजगार के अवसरों को लूटते थे, वे गिनते रहें, क्योंकि अगले छह महीनों में उत्तर प्रदेश सरकार एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है।
योगी ने कहा कि जो कोई युवाओं के रोजगार को नुकसान पहुंचाएगा, उसे जेल और संपत्ति जब्ती का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त कार्रवाई की बात कही।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ का दौर खत्म हो गया है और इसकी जगह ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ ने ले ली है। उन्होंने कहा कि रविदास नगर भदोही जिले में काशी नरेश विश्वविद्यालय पहले ही स्थापित हो चुका है और मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ विरासत का सम्मान भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ से आगे बढ़कर ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन’ की शुरुआत करने का फैसला किया है। इसके तहत हर जिले की अपनी एक खास पहचान वाला व्यंजन होगा।