By अंकित सिंह | Sep 02, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स्ड सर्विसेज़ कॉर्पोरेशन' (UPCOS) पोर्टल और वेबसाइट के लॉन्च कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह राज्य-स्तर की एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसका मकसद आउटसोर्स किए गए कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके काम को व्यवस्थित करना है। यह पारदर्शी तरीके से भर्ती को बढ़ावा देती है, समय पर सीधे सैलरी भुगतान की गारंटी देती है और सामाजिक सुरक्षा लाभ (EPF/ESI) भी देती है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य के विकास का सफर सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों - चाहे वे स्थायी हों या आउटसोर्स - के योगदान से ही संभव हो पाया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विकास का जो सफर तय हुआ है और राज्य में जो प्रगति दिख रही है, वह कुछ खास लोगों की ताकत और सहयोग की वजह से ही संभव हो पाई है। चाहे वे शहरी निकाय के सफाई कर्मचारी हों या ज़रूरी सरकारी व्यवस्थाओं में अलग-अलग जगहों पर काम करने वाले लोग—चाहे वे स्थायी हों या आउटसोर्स—यह सब उनकी ही कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्सड सर्विसेज़ कॉर्पोरेशन' सरकार की एक ऐसी कोशिश है जिससे यह पक्का किया जा सके कि ऐसे हर कर्मचारी को उनके योगदान के मुताबिक सम्मान और गरिमा मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच का रिश्ता सिर्फ़ लेन-देन का नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच का रिश्ता सिर्फ़ वेतन का नहीं, बल्कि भरोसे का होता है। उस भरोसे को बनाए रखने के लिए हमारा मानना है कि कर्मचारी का समय सिर्फ़ कागज़ी काम में ही नहीं बीतनी चाहिए। कर्मचारी को यह महसूस होना चाहिए कि उनके अच्छे काम का रिकॉर्ड रखा जा रहा है, उनकी समस्याओं को सुनने के लिए कोई व्यवस्था है और वे अकेले नहीं हैं। उन्हें समय पर वेतन मिलना चाहिए, हर आउटसोर्स कर्मचारी को उनकी कड़ी मेहनत के हिसाब से मेहनताना मिलना चाहिए और श्रम का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक भेदभाव को खत्म करने के लिए आर्थिक असमानता को दूर करना ज़रूरी है।
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