By रेनू तिवारी | Oct 23, 2026
तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 11वीं कक्षा के एक 16 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर जातिगत भेदभाव, गोमांस खाने को लेकर उत्पीड़न और सहपाठियों द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने से तंग आकर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले की आधिकारिक जानकारी दी, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और शिक्षा संस्थानों में छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्र की मां ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनके बेटे ने बार-बार होने वाले उत्पीड़न की शिकायत कक्षा अध्यापक और विद्यालय के प्रधानाचार्य से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत के अनुसार, लगातार मानसिक तनाव के कारण छात्र ने आत्महत्या कर ली।
पीलामेडू थाने की पुलिस ने प्रधानाचार्य, कक्षा अध्यापक और दो सहपाठियों समेत चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कक्षा अध्यापक को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच, तमिलनाडु राज्य के आदि द्रविड़ार एवं जनजातीय समुदाय आयोग ने घटना के संबंध में कोयंबटूर शहर के पुलिस आयुक्त से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा है।