सैन्य अधिकारियों के लिए मीडिया संचार पाठ्यक्रम का समापन, कैप्टन बंसल बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा में मीडिया की अहम भूमिका

By प्रेस विज्ञप्ति | Oct 14, 2021

नई दिल्ली। ''विश्व के तमाम देश आतंकवाद की समस्या से जूझ रहे हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। मीडियाकर्मियों सहित हम सभी की यह जिम्मेदारी है कि भारत विरोधी ताकतें हमारे देश के खिलाफ मीडिया का दुरुपयोग न कर पाएं।'' यह विचार इंडिया फाउंडेशन के निदेशक कैप्टन आलोक बंसल ने भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) द्वारा सैन्य अधिकारियों के लिए आयोजित मीडिया संचार पाठ्यक्रम के समापन समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, डीन (अकादमिक) प्रो. गोविंद सिंह एवं शॉर्ट कोर्सेज के पाठ्यक्रम निदेशक प्रो. राजेश कुमार भी उपस्थित थे। 

कैप्टन बंसल के अनुसार हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात करते हैं। अगर हमें इसका इस्तेमाल अपनी ताकत बढ़ाने के लिए करना है, तो हमें सोशल मीडिया से जुड़ना होगा। आज मीडिया देश की ताकत का महत्वपूर्ण स्तंभ है, लेकिन हमें इसका इस्तेमाल अनुशासन के दायरे में रहकर करना होगा। उन्होंने कहा कि सूचना और तकनीक के आधुनिक युग में सेना को सोशल मीडिया का सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल करने की जरुरत है। सोशल मीडिया हमारी सोच से ज्यादा तेजी से बढ़ा है। अगर हम इसकी रफ्तार के साथ नहीं चल पाए, तो पीछे छूट जाएंगे।

इसे भी पढ़ें: IIMC में विशेष व्याख्यान का आयोजन, प्रो. भारद्वाज ने कहा- जनसंवाद कला के जानकार थे गांधी

इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि गुमराह करने के लिए गलत सूचनाएं फैलाने की रणनीति बहुत पुरानी है, जो समय के साथ साइकोलॉजिकल ऑपरेशंस में बदल गई है। यह एक तरह का माइंड गेम है, जिसमें दुश्मन के दिमाग और उसकी लीडरशिप को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज के प्रसार के लिए वीडियो फॉर्मेट का सबसे अधिक सहारा लिया जाता है। मिलिट्री ऑपरेशंस को लेकर भी ऐसी कई फेक न्यूज आती रहती हैं, जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कार्यक्रम का संचालन पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. विष्णुप्रिया पांडेय ने एवं धन्यवाद ज्ञापन डीन (छात्र कल्याण) प्रो. प्रमोद कुमार ने किया। आईआईएमसी प्रतिवर्ष सैन्य अधिकारियों के लिए मीडिया एवं संचार से जुड़े शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग कोर्सेज का आयोजन करता है। इन पाठ्यक्रमों में तीनों सेनाओं के कैप्टन लेवल से लेकर ब्रिगेडियर लेवल तक के अधिकारी हिस्सा लेते हैं।

प्रमुख खबरें

RBI ने Repo Rate नहीं बदला, पर Iran संकट से Indian Economy पर मंडराया खतरा

Crude Oil Price में बड़ी गिरावट, America-Iran में सुलह के संकेतों से दुनिया को मिली राहत

Mumbai Indians की हार पर भड़के Captain Hardik Pandya, बोले- बल्लेबाज नहीं, गेंदबाज जिम्मेदार

Jasprit Bumrah के खिलाफ Guwahati में आया 15 साल के लड़के का तूफान, एक ही ओवर में मारे 2 छक्के