By अनुराग गुप्ता | Sep 23, 2021
नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन पिछले 10 महीने से जारी है। नवंबर 2022 के मध्य से किसान अपनी मांगों के साथ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर धरना दे रहे हैं। जिसमें गाजीपुर बॉर्डर भी शामिल है। दरअसल, यह सीमा दिल्ली और उत्तर प्रदेश को जोड़ती है और नेशनल हाईवे-24 गाजियाबाद से होकर गुजरता है। जिसकी हालत अब बदतर हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाईवे के 300 मीटर हिस्से का हाल कुछ ऐसा ही है लेकिन अगर इसका समाधान नहीं किया गया तो इसका असर 438 किमी लंबे पूरे हाईवे पर पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइट्स का इस्तेमाल किसान कर रहे हैं। अब यह लाइट्स सड़कों को रोशन नहीं कर रहीं बल्कि इससे किसानों की एसी चलती हैं।
खोंले जाएं वैकल्पिक रास्ता
इसी बीच हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तत्काल सोनीपत और झज्जर जिले से दिल्ली जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता खोलें क्योंकि किसान आंदोलन की वजह से सिंघू और टिकरी बॉर्डर बंद हैं।