By अनुराग गुप्ता | Jul 20, 2021
नयी दिल्ली। क्या बदलाव के रास्ते की तरफ कांग्रेस ने कदम बढ़ा दिए हैं ? यह इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि जिस तरह से नवजोत सिंह सिद्धू को भारी विरोध का सामना करना पड़ा, उसके बाद भी उन्हें पंजाब कांग्रेस इकाई का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है। जबकि कैप्टन अमरिंदर सिंह नहीं चाहते थे कि उन्हें यह पद मिले। भाई-बहन की जोड़ी ने कांग्रेस की पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए अब नए लोगों पर विश्वास जताना शुरू कर दिया है।
हाल ही में कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव को लेकर कई सारी रिपोर्ट्स सामने आईं लेकिन तेलंगाना और पंजाब में प्रदेशाध्यक्ष के बदलाव के साथ ही इनकी पुष्टि हो जाती है कि कांग्रेस कुछ नया करने वाली है। इस बार कांग्रेस अपनी अलग रणनीति के साथ अंर्तकलह को समाप्त करने का प्रयास करेगी और नए चेहरों को मौका देगी।PK की एंट्री की संभावनाचुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि वो शामिल होते है या नहीं इसका निर्णय तो उन्हें ही करना है लेकिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी मुलाकात के बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया था। कहा यह भी जा रहा है कि प्रशांत किशोर की एंट्री के साथ ही कांग्रेस में कई प्रमुख बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं।हार्दिक पटेल को भी मिल सकती है जिम्मेदारीपंजाब, तेलंगाना के बाद अब गुजरात की तरफ पार्टी अपना ध्यान लगाएगी। माना जा रहा है कि हार्दिक पटेल को गुजरात प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल पार्टी की नजरअंदाजी से खफा चल रहे थे और बीच में तो उनके आम आदमी पार्टी जाने की खबरें भी सामने आईं थीं। लेकिन कांग्रेस उन्हें गंवाना नहीं चाहेगी। पंजाब की तर्ज पर उन्हें भी खुश किया जा सकता है।
हाल ही में राहुल गांधी ने निडर नेताओं को कांग्रेस में लाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि जो लोग हकीकत और भाजपा का सामना नहीं कर सकते वो पार्टी छोड़ सकते हैं और निडर नेताओं को कांग्रेस में लाना चाहिए। ऐसे में अगर दूसरी पार्टी से दमदार नेता कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करते हैं तो उन्हें भविष्य में अच्छे पदों से सम्मानित किया जा सकता है।