By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 11, 2022
भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने दावा किया कि उज्जैन में स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के विकास और विस्तार की योजना 2019 में कमलनाथ नीत तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बनाई थी, लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा ने इस दावे को खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम को मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में ‘श्री महाकाल लोक’ गलियारे के पहले चरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस परियोजना से महाकाल के मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय आधुनिक सुविधाएँ प्राप्त होंगी और उनका अनुभव स्मरणीय रहेंगे।
मिश्रा ने दावा किया कि 2018 में चौहान के मुख्यमंत्री रहते हुए इसके लिए निविदाएं जारी की गई थीं। इसके बाद प्रदेश में नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव के बाद 18 दिसंबर 2018 को कमलनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। मिश्रा ने कहा, ‘‘उनके (कांग्रेस) शासनकाल में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।’’ उन्होंने बताया कि कमलनाथ की सरकार 23 मार्च 2020 को गिरने के बाद चौहान फिर से सत्ता में आये, तब इसे पुन: विस्तारित किया और 856 करोड़ रुपये का इसका प्रस्ताव बना। पहले चरण पर 351 करोड़ रुपये की लागत आयी है जिसका प्रधानमंत्री मोदी आज लोकार्पण करने वाले हैं। वहीं दूसरे चरण पर 310 करोड़ रुपये की लागत आएगी।