By दिनेश शुक्ल | Jan 02, 2021
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने अनुसूचित जाति के बच्चों को लेकर कांग्रेस की तत्कालीन सरकारों में गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने मध्य प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि 1944 में अजा वर्ग के पोस्ट मैट्रिक छात्रों के लिए छात्रवृत्ति शुरू की गई। इसके बाद देश में 57 साल और मध्यप्रदेश में 45 सालों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं। आर्थिक तंगी और असुविधाओं के कारण अनुसूचित जाति के करोड़ों बच्चों ने पढ़ाई-लिखाई छोड़ दी, लेकिन सरकारों ने इस बात की फिक्र नहीं की कि ये बच्चे स्कूल क्यों छोड़ रहे हैं ? यदि कांग्रेस की सरकारों ने इस बात की चिंता की होती, तो करोड़ों बच्चे शिक्षा पूरी होने से पहले स्कूल नहीं छोड़ते। कांग्रेस सालों तक अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करती रही है।
आर्य ने कहा कि मोदी सरकार जो 59 हजार करोड़ की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अजा वर्ग के बच्चों को देने जा रही है, उसका 60 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी तथा 40 फीसदी हिस्सा राज्यों को देना होगा। राज्य सरकार पहले बच्चों का रजिस्ट्रेशन करेगी और अपने हिस्से की रकम बच्चों के खातों में डालेगी, जिसके बाद केंद्र सरकार अपने हिस्से की राशि बच्चों के खातों में जमा कराएगी। उन्होंने कहा कि 59 हजार करोड़ की इस छात्रवृत्ति में अगले पांच सालों तक केंद्र सरकार हर साल अपने हिस्से में 5% की वृद्धि करेगी, राज्यों का योगदान घटता जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस पूरी प्रक्रिया की लगातार मॉनीटरिंग भी करेगी, ताकि अजा वर्ग का कोई और बच्चा छात्रवृत्ति न मिलने या देर से मिलने के कारण पढ़ाई छोड़ने पर विवश न हो। पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश सरकार की मंत्री श्रीमती मीना सिंह एवं अजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सूरज कैरो, विधायक सुभाष वर्मा, मोर्चा जिला अध्यक्ष जसवंत राव भी उपस्थित थे।