Uttar Pradesh Bypolls: यूपी उपचुनाव को लेकर अड़ी और डरी कांग्रेस

By संजय सक्सेना | Oct 23, 2024

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 09 सीटों पर होने वाला उपचुनाव लड़ा जाये या नहीं, इसको लेकर एक तरफ कांग्रेस दुविधा में नजर आ रही है तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी की बैसाखी के सहारे वह जीत की उम्मीद भी लगाये बैठी है। इसी उहापोह में उलझी कांग्रेस, सपा पर दबाव बनाने में कामयाब नजर आ रही है। कांग्रेस की दबाव की राजनीति के चलते  सपा ने कांग्रेस को फूलपुर विधान सभा सीट भी देने के संकेत दिए हैं। यह सीट कांग्रेस के खाते में चली जाती है तो कांग्रेस को मिली सीटों की संख्या तीन हो जायेगी। इसी बात को आधार बनकार दोनों दलों के नेताओं द्वारा कहा जा रहा है कि सपा- कांग्रेस का गठबंधन कायम रहेगा, लेकिन तीन सीटें मिलने की संभावना के बाद भी कांग्रेस के चुनाव लड़ने पर अभी संशय बना हुआ है। उपचुनाव पर अंतिम फैसला आजकल में हो जायेगा। क्योकि चुनाव के लिये नामांकन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर है। बहरहाल,ऐसा लगता है कि यूपी उप चुनाव को लेकर एक तरफ सपा के साथ सीटों के समझौते को लेकर कांग्रेस अड़ी जरूर हुई है,मगर उसे चुनाव लड़ने पर हार का डर भी सता रहा है। अर्थात कांग्रेस अडी और डरी दोनो ही है। 

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उधर, विधानसभा उपचुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर एनडीए में भी पेंच फंस गया है। मझवां व कटेहरी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के लिए निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद दो दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। गत दिवस मंगलवार देर रात उनकी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने अपना पक्ष रखा है। संजय निषाद के अनुसार, आज बुद्धवार को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल एवं पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं से उनकी मुलाकात होनी है। इसके बाद भाजपा के उम्मीदवारों की सूची जारी होने की उम्मीद है। प्रदेश में नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इनमें से मझवां व कटेहरी की सीटों पर संजय निषाद अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ना चाहते हैं,लेकिन संजय निषाद नेे यह सुझाव भी दिया है कि भाजपा चाहे तो दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दे, लेकिन चुनाव चिन्ह निषाद पार्टी का ही होगा। प्रदेश भाजपा ने उनके इस सुझाव पर गौर नहीं किया है।

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