NEET विवाद पर Congress का बड़ा हमला, Vijay Wadettiwar बोले- Dharmendra Pradhan के रहते भविष्य सुरक्षित नहीं

By अभिनय आकाश | Jun 20, 2026

कांग्रेस विधायक विजय नामदेवराव वडेट्टीवार ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोगों के सत्ता में रहते हुए बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। उन्होंने मांग की कि प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से हटाया जाए। वडेट्टीवार ने यहां पत्रकारों से कहा, धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए क्योंकि वे इसके लायक नहीं हैं। अगर सरकार में थोड़ी भी जवाबदेही की भावना है, तो उसे गड़बड़ियों को ठीक करना चाहिए। ऐसे लोगों से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। जब तक धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोग सत्ता में रहेंगे, तब तक बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

इसे भी पढ़ें: कुछ लोग कुत्ते होते हैं, लेकिन वफ़ादार नहीं, उद्धव ठाकरे पर शिंदे के तंज के बाद संजय राउत का पलटवार

बाद में, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने शनिवार को स्पष्ट किया कि NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा के लिए नागपुर के एक छात्र को अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने का मामला सुलझा लिया गया है। एएनआई से बात करते हुए, एनटीए के DG अभिषेक सिंह ने बताया कि गड़बड़ी को ठीक कर दिया गया है और छात्र को उनके गृह नगर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है। सिंह ने ANI को बताया, मामला सुलझा लिया गया है और उम्मीदवार को अब नागपुर में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नागपुर के एक NEET उम्मीदवार के बारे में एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि NTA द्वारा आयोजित पुनः परीक्षा के लिए छात्र को कथित तौर पर अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने के बाद उसे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रमुख खबरें

Supreme court on Rajpal Yadav: इन पर कौन भरोसा करेगा, SC ने चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव को ₹5 करोड़ जमा करने के लिए 2हफ़्ते और दिए, फटकार भी लगाई

Jio को टक्कर देने Airtel लाया ₹3999 का Plan, 365 दिन वैलिडिटी और 150GB एक्स्ट्रा Data

Maharashtra CET में गड़बड़ी की जांच के लिए SIT गठित, CM Fadnavis ने दिए FIR के आदेश

Iran की मदद के फेर में ट्रंप ने चीन को भी लपेट लिया! जिस सैटेलाइट की सहायता से US बेस पर हुआ था हमला, उसे किसने तोड़ दिया?