राजस्थान के रास्ते प्रियंका को राज्यसभा भेजने की तैयारी में कांग्रेस, रॉबर्ट वाड्रा के नाम पर भी हो रहा विचार, समझिए पूरा गणित

By अनुराग गुप्ता | Apr 22, 2022

नयी दिल्ली। राजस्थान में राज्यसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों में से 4 सीटों के लिए चुनाव होने वाला है, जो 4 जुलाई को खाली होने वाली हैं। ऐसे में कांग्रेस की तरह से एक नाम सबसे ज्यादा चौंका देने वाला है और वो नाम है पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का। इन सभी चारों सीटों पर फिलहाल भाजपा का कब्जा है लेकिन पार्टी को चुनाव में नुकसान होने वाला है। 

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साल 2018 में राजस्थान की बदलती हुई सत्ता के चलते इन 4 में से 3 सीटों का गणित स्पष्ट है और चौथी सीट को लेकर पेंच फंसा हुआ है। 4 में से 2 सीटें कांग्रेस को तो एक भाजपा को मिलना तय है लेकिन बाकी की एक सीट किसके पाले में जाती है... यह देखना काफी रोचक होगा।

आपको बता दें कि कांग्रेस प्रियंका गांधी वाड्रा को राज्यसभा भेजने की तैयारी कर रही है। हालांकि ऐसा नहीं है जब प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम सामने आ रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के बाद भी राजनीतिक गलियारों में प्रियंका गांधी वाड्रा के राज्यसभा भेजे जाने की खबरें थीं। हालांकि ऐसा नहीं हुआ था। जिसके बाद एक बार फिर से उनका नाम सामने आ रहा है।

इस बार प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ-साथ उनके पति रॉबर्ट वाड्रा का भी नाम सामने आ रहा है। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान जल्द ही प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम का ऐलान कर सकता है। हालांकि रॉबर्ट वाड्रा के नाम पर अभी चर्चा चल रही है। क्योंकि उन्होंने हाल ही में राजनीति में उतरने की इच्छा प्रकट की थी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तो यह भी है कि रॉबर्ट वाड्रा को कांग्रेस छत्तीसगढ़ के रास्ते भी राज्यसभा भेज सकती है। क्योंकि छत्तीसगढ़ की 2 सीटों के लिए चुनाव होने वाला है। 

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गहलोत-पायलट के बीच पिघल सकती है बर्फ

प्रियंका गांधी वाड्रा के राजस्थान के रास्ते राज्यसभा जाने से अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जमी हुई बर्फ पिघल सकती है। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की सचिन पायलट से मुलाकात के 3 घंटे बाद ही अशोक गहलोत को 21 महीने पुराना सियासी संकट याद आ गया था। हालांकि यह पहली दफा नहीं है जब अशोक गहलोत ने सियासी संकट का जिक्र किया हो लेकिन इसके कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

प्रियंका गांधी वाड्रा ही वो नेता हैं जिन्होंने अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की दूरियां कम करने की कोशिशें की थीं और सचिन पालयट को भरोसा दिलाया था कि पार्टी उन्हें नजरअंदाज नहीं करेंगे। इसके अलावा सचिन पायलट ने भी उत्तर प्रदेश चुनावों के समय प्रियंका गांधी वाड्रा का बराबरी से साथ दिया था।

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