By अभिनय आकाश | May 09, 2026
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनने के बाद आपके पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी। आपने ममता बनर्जी को हमेशा इस सफेद साड़ी में देखा होगा। यह साड़ी ममता बनर्जी की पहचान से जुड़ गई थी। लोगों के मन में अपनी एक खास छवि बनाने के लिए ममता बनर्जी ने इस सफेद साड़ी का जमकर इस्तेमाल किया। लेकिन अब रिपोर्ट्स के मुताबिक एक जानकारी सामने आई है कि टीएमसी के दफ्तर में ऐसी सैकड़ों सफेद साड़ियां मिली हैं। अब आप सोचेंगे कि इसमें खबर क्या है? दरअसल टीएमसी के दफ्तर में मिली यह सफेद साड़ियां आम साड़ियां नहीं है बल्कि ये मौत का फरमान है। इन साड़ियों का डर दिखाकर शायद टीएमसी सत्ता में बनी रही। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो और एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अपनी हार को आता देख टीएमसी ने सफेद साड़ियां उन घरों में भेजनी शुरू कर दी जहां बीजेपी के कार्यकर्ता रहते थे। यह सफेद साड़ियां उन महिलाओं को भेजी जाती थी जिनके पति बीजेपी का झंडा उठाते थे।
आप ही सोचिए कि ममता बनर्जी खुद को बंगाल की बेटी बोलती रही हैं। लेकिन उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ता सफेद साड़ियां भेज दूसरी बेटियों का सुहाग उजाड़ने का पूरा प्लान बना रहे थे। हो सकता है शायद ममता बनर्जी को इसकी जानकारी हो। आपको बता दें कि 2024 में संदेश खाली में जो जघन्य अपराध हुआ था, उस दौरान भी टीएमसी के लोगों ने एक बीजेपी कार्यकर्ता के घर सफेद साड़ी और फूल भेज दिए थे। इस पर लिखा था कि तुम हरि बोलो और मैं हरि बोल कहूंगा। यह नारा शव यात्रा के दौरान लगाया जाता है। फरवरी 2026 में वीरभूम में भी एक बीजेपी कार्यकर्ता के घर सफेद साड़ी, फूल और अगरबत्ती भेजी गई। कार्यालय से सफेद साड़ियों के बंडल मिलना टीएमसी की उस रणनीति को उजागर करता है, जहाँ सत्ता बचाने के लिए ‘डर’ को सबसे बड़ा हथियार बनाया गया है। पंचायत चुनावों के दौरान भी महिलाओं ने शिकायत की थी कि उन्हें वोट डालने से रोकने के लिए उनके घरों के बाहर ‘अंतिम संस्कार’ का सामान फेंक दिया गया था।