By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 22, 2022
कोलंबो| श्रीलंका के पूर्व सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सरथ फोंसेका ने कहा है कि कर्ज में डूबे देश में मौजूदा संकट को खत्म करने के लिए संविधान संशोधन लाना और राष्ट्रपति शासन प्रणाली समाप्त करना काफी नहीं है। उन्होंने देश में राजनीतिक संस्कृति में बदलाव की आवश्यकता को रेखांकित किया।
एसजेबी के सांसद फोंसेका ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा, यदि किसी स्कूल में कोई प्रिंसिपल किसी बच्चे को परेशान करने वाला काम करता है तो आपको प्रिंसिपल का पद खत्म नहीं करना चाहिये, बल्कि उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिये।
एसजेबी ने यह कदम देश के सबसे खराब आर्थिक संकट को लेकर राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और उनकी पार्टी श्रीलंका पोदुजाना (पेरामुना) के नेतृत्व वाली सरकार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में उठाया है।
द डेली मिरर की खबर के अनुसार फोंसेका ने संसद में कहा, मुझे नहीं लगता कि संविधान संशोधन से श्रीलंका को कुछ मदद मिलेगी। हमें राजनीतिक संस्कृति में बदलाव की जरूरत है।
फिलहाल संविधान संशोधन और अंतरिम सरकार के गठन से श्रीलंका को कोई मदद नहीं मिलने वाली।